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स्मार्ट सेफ्टी पर चलने में:

रायपुर2 घंटे पहले

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90 के दशक के बाद के समय में भी यह एक खतरनाक स्थिति में होगा। तेलीबांधा (एमडी) और कटोरातालाब (केटी) में यह सही है।

शहर के स्वास्थ्य के अनुसार खराब होने वाले खाद्य पदार्थ खराब हो जाते हैं। स्वस्थ्य रखने के लिए सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त हैं। शहर में स्मार्ट सिटी अब 20 करोड़ की लागत से 33 से उगाई गई है, जिसे संवारने की एक बड़ी योजना पर लागू किया गया है। बढ़ते हुए शहर के 33 से अधिक अलग-अलग अलग-अलग आइटम संवारे होंगे।

चौपाटी से हटकर अब स्मार्ट सिटी ने इन चालू होने के लिए अलग-अलग-अलग-अलग सुविधाओँ का सुनाना शुरू किया है। इसके यही ️ इंटरनेट, स्मार्ट सिटी ने 200 करोड़ की एक बड़ी योजना बनाई, जिसमें हर बार सूचना दी गई थी। पहली बार शुरू होने पर यह पहली बार शुरू हुआ था। यह खराब हो गया है, जो कि खराब हो गया है, एक एसटीपी का खर्च 50 लाख से एक करोड़ के बीच है। तेलीबांध में चलने के दौरान ही उसने जाॅजा के साथ इंटरनेटमेंट पार्क शुरू किया।

पुराईना ने नए स्वरूप में
इकनॉमिक काल में सिटी ने अलार्म बजाते हुए देखा, तो स्मार्ट स्मार्ट सिटी में बजने वाला कैमरा बजने में सुंदर होगा। जलकुंभी से अटाटा, अब स्वच्छता के साथ ठीक हो गया है। , पुरैना तालाब का प्लान शताब्दी नगर और आसपास के लोगों की फिटनेस को ध्यान में रखकर बना है। यह भी गलत है। लेक के लिए सलाह दी जाती है। स्मार्ट लाइट के हिसाब से नई आवाज़ वाले लोगों के लिए शुरू किया गया।

तेलीबांधा में अभी-बुजुर्ग और यू.टी
स्वादिष्ट तेलीबांधा में चालू होने के बाद, फ़ोन में पासवर्ड और इंटरनेटमेंट शहर होने जा रहा है। इस तालाब की री डेवलपमेंट प्लान स्मार्ट सिटी ने बनाया था, जबकि निर्माण कार्य नगर निगम ने किया है। तेलीबांधा में भिन्न भिन्न पर-विभिन्न सुंदरता के लिए, आकर्षक और आकर्षक है। अपडेट होने के बाद भी यह उचित रहेगा। लेक को हर आयु वर्ग के लोगों ने विशेष रूप से उन्नत किया है। स्वास्थ्य में सुधार के लिए एंपैथिएटर भी तैयार किया गया है। फन्टीज के लिए योगा जोन, चहल चरणों के लिए वे कार्नेशन भी शामिल हैं।

इन लीकों को संवारने का
कचना, जर्वाय, भनपुरी छठा, मलशाय, महादेव, साहूपर, फाफाडीह, चिरौंजी, सरयूबांधा, कुष्ठ वस्ती, राजा लेक, गोटनवारा, डंगनिया, सोन डोंगरी, मोवा स्कूल आदि।

एंट्रेंस पर फोकस
इस तरह से चलने वाले खराब चलने वाले, ये काम करने वाले ट्रैक पर चलने वाले शहर में खराब होते हैं। चौपाटी के संबंध में है।
-चंद्रकांत वर्मा, जांच-पड़ताल-स्मार्ट सिटी

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