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GPM में परीक्षा के नाम पर बाल श्रम!: मिड-डे-मील के ; शिक्षक बोलें- अब सुरक्षित नहीं हैं

पोडरा8 पहला

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मरवाही ब्लॉकबैंगनहाटोला स्कूल में मध्य-मध्य-आयात वाले होते हैं।

छत्तीसगढ़ में 16 सरकारी स्कूल खुल गए हैं। लेकिन न शिक्षा के स्तर और न घटने की स्थिति. परीक्षा और मिड-डे-मील के लिए विवरण। गौरे-पंद-मरवाही (GPM) सरकारी स्कूल में 100 मीटर दूर ले जाने पर पंखा धोते हैं। स्कूल में ही समय रहते हैं। विशेष बात यह है कि प्रशासन को भी पता है। शिक्षक कह रहे हैं कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है।

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समस्या मरवाही ब्लॉक सेमरदरी गांव का है। बैंबैंहाटोला स्कूल में मध्य-डे-मील यह मध्य-स्तर की जांच करता है। बर्तन भी बच्चे स्कूल में नहीं धो सकते, इसके लिए उन्हें 100 मीटर दूर स्थित तालाब और हैंडपंप के पास भेजा जाता है। ️ वहां️ वहां️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ .

लेक से धोकराते ।

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स्कूल में पहचान है,
बेंगनहाटोला का यह स्कूल 5वीं तक है। , स्कूल में एकपंपक भी। इसके बाद भी यह बाहर है। स्कूल के शिक्षक मौसम से परेशान हैं। मशक के बाद पीछा किया जाता है। इस कारण से सहायक शिक्षक हरनाम सिंह पाव क्वेरी दो काम करने वाला समस्या है। अभी नहीं। वह खुद पटल पर है।

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