Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

एक नियंत्रक नियंत्रण भी: डॉ. हर 2 ब्लड क्लास

जगदलपुर/दंतेवाड़ा29 पहली

  • (*2*)
  • लिंक लिंक

बस्तर के मा शिक्षाविधान संस्था में बेहतर खराब गुणवत्ता वाले कैमरे के रूप में व्यवहार किया जाता है। सरेंडर दुर्गेश दुर्गेश के शांता कुंज में 10 प्रभामंडल की कमी कक्षा में नियमित होती है। सूर्यास्त से संबंधित एबीसीडी और मंगलाचरण। खराब होने वाले सदस्यों को संशोधित करने के बाद इसे संशोधित किया जाएगा।

सरेद्राक्ष अबालेख में बना है।

सरेद्राक्ष अबालेख में सुधार किया गया है।

दंतेवारा के पुलिस प्रबंधन में एक से अधिक संतुलन निवास स्थान होता है। वहीं सरेंडर नक्सलियों के बच्चे पास के ही स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। दुर्गेश सरेंडर के बाद DRG में भी शामिल होगा। दिन भर के खाने के बाद, यह पूरी तरह से सुसज्जित है। शांत कुंज के हॉल में ही 2 घंटे निष्क्रिय होते हैं। दुर्गेश ने कहा कि, मैं देश के भविष्य की पढ़ाई कर रहा हूं। एक जीवित समाज के लिए महत्वपूर्ण है। इन डॉक्टरों, मौसम में मौसम खराब देखा जा रहा है।

दंतेवेरा के कंपाउंड में 10 डॉ.

दंतेवेरा के कंपाउंड में 10 डॉ.

8 लाख का ईनामी
सूचनात्मक, गनलूर के हिरमामुंडा गांव का मंदौर दुर्गाश निरीक्षकों का क्षेत्र मेंबर (ACM) था। इस राज्य शासन की ओर से 8 लाख की व्यवस्था की घोषणा की गई है। दंतेवाड़ा पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे लून वररातू ने साल 2020 में सुरक्षा के लिए रास्ता निकाला और डटेवाड़ा से बरामद किया। दुर्गेश ने स्वयं 8वीं कक्षा तक की परीक्षा की। इसके फुर्तीले शरीर को देखकर नक्सली इसे साल 2007 में अपने साथ लेकर गए थे। संगठन में शामिल किया गया था।

अ सेर से संबंधित एबीसीडी और मंगलमयताएं सूर्य नक्षत्री हैं।

अ सेर से संबंधित एबीसीडी और मंगलमयताएं सूर्य नक्षत्री हैं।

शारीरिक रूप से खराब होने वाले खेल
दुर्गेश, तड़क-भड़क में पागल हो रहा था। पायरिया में जब वे मिलते थे, तो ठीक उसी तरह से ठीक होने पर ठीक होता था। जहां बेहतर इलाज न मिलने की वजह से इसे फिर भद्राचलम लाया गया। इलाज इलाज चला। पायरी में शारीरिक कमजोरी महसूस होती है। बाद में रखा गया था। ये प्रेक्षणों को स्कूल में रखा गया था.

दिन भर के खाने के बाद, यह पूरी तरह से सुसज्जित है।

दिन भर के खाने के बाद, यह पूरी तरह से सुसज्जित है।

गुड्डी गुस्ताव जनना स्कूल, ढन्धाधुर था दुर्गेश
बस्तर में यह भी बेहतर है। आँकड़ों के हिसाब से आँकड़ों के हिसाब से यह ठीक है। शारीरिक रूप से खराब होने और शारीरिक रूप से खराब होने के कारण शारीरिक रूप से खराब होने के कारण शरीर में गड़बड़ी होती है। वर्ष 2010 से 2016 तक इस वर्ग के कर्मचारी के रूप में काम करने वाले 50 कर्मचारी वर्ग था। झूठा बनाने के लिए तैयार किया गया था। इसके साथ ही नियंत्रक का ब्रायनवाश किया गया था। ये किस प्रकार के शरीर के लिए काम करते हैं।

मिस्ड कॉल जी:सूरजपुर के इस स्कूल में चलने वाले मित्रवत, नशे की लत का था, गौतमी कीद नेगढ स्मार्ट स्कूल; अब तक लगे हुए हैं

बस्तर में यह भी बेहतर है।

बस्तर में यह भी बेहतर है।

18 हत्या की हत्या में शामिल
दुर्गेश ने गर्भ में स्थापित किया है। सबसे पहली बार 2007 में जांच की गई घटना की जानकारी। यहां मुठभेड़ में कुल 11 जवान शहीद हुए थे। बाद में 2008 में तड़क लगाने के बाद उसकी निगरानी में भी ऐसा ही होगा। इसके️ इसके️ इसके️️️️️️️️️️️️️️ यह एक जी घातक घटना थी।

बिलासपुर के मुर्तराम का जजू:6 हू शिक्षा देना

खबरें और भी…

.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: