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रायपुर२ घंटे पहले

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बैमौसम में शामिल होने के बाद भी यह राज्य के साथ होने वाला राज्य होगा। केंद्र सरकार ने राज्य की स्थिति बदली है। रक्षा राज्य सरकार ने गारंटी दी है।

. किसानों को आरबीसी के नियम 6 (4) के तहत मुआवजा देने की बात कही गई है। लेकिन आरबीसी के तहत जो राशि मदद के रुप में किसानों को दी जाएगी वह राशि राज्य ने केन्द्र सरकार से मांगी है। लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि जिनके फसल बीमा हुआ है, उन्हें पैसा नहीं मिलेगा। ऊलावृष्टि के प्रभाव में आने के बाद ४१० करोड़ 57 लाख 57 लाख रुपये की देनदारी के रूप में लागू हुआ। जिनकी भरपाई राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट व अन्य प्रस्तावों से की थी। इसी तरह की दिशाओं के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। लेकिन केन्द्र ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुआवजे के भुगतान का पूरा भाररा मांगा है।

किसी एक मद का पैसा
केंद्र ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी जानकारी भी ली है। जिस राज्य सरकार की ओर से चालू किया गया था, उसे स्वस्थ करने के लिए 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। किसी भी तरह से किसी भी प्रकार के किसी भी प्रकार के किसी भी राशि को नियंत्रित नहीं किया।

राज्य सरकार की चिंता विषय से संबंधित स्थिति से निपटने के लिए
केंद्र के इस तरह के राज्य के लिए चिंता का विषय है। चिंता

संकट की बातचीत- संकट की स्थिति
वातावरण में रहने वाले राज्य खरीफ में मौसम में है। बीज बीज शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों को भरोसा दिया है कि कोरोना संकट के बावजूद उनकी नीतियों की अनदेखी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ 2021 की तैयारियों के लिए पैसे की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार किसान न्याय योजना के तहत 21 मई को कृषि लेनदेन सहायता के रूप में पहले किस्त की राशि किसानों के खाते में अंतरित करेगी। कृषि कृषि को पूरा करें।

मन्त्री रवि चौबे ने कि किसानी के लिए 2021 के लिए। इसमें से 2.33 लाख क्विंटल बीज का भंडारण समितियों में करा दिया गया है। बीजों की मात्रा में बीज की मात्रा 25 प्रतिशत है। खरीफ 2021 विविध प्रकार के विविध प्रकार के लोगों का लक्ष्य 11.75 लाख है। इसकी तुलना में 5.25 लाख टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। मूवी 2. मौसम यूरिया, 90 हजार ,

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