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छत्तीसगढ़ का पहला पुलिस को विभाजित केंद्र: जांजगीर पुलिस लाइन में बनाया गया 20 बिस्तर का अस्पताल, 10 ऑक्सीजन सपोर्टेड; पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों का इलाज करेंगे

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जागीरदार12 घंटे पहले

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  • छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से इस लड़ाई में हमने बहुत सारे सीएनसी लाइन वैटर को खो दिया है। तमाम ऐसे भी हैं, जो अपने घर से हमारे लिए निकले, लेकिन फिर लौट नहीं पाए। ऐसे में जांजगीर पुलिस ने अपने जवानों के लिए एक कदम और आगे बढ़ाया है। पुलिस लाइन में को विभाजित अस्पताल का निर्माण कराया गया है। विशेष बात यह है कि प्रदेश का यह पहला कोविड अस्पताल है जो पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवार के लिए है।

    अस्पताल में 20 बिस्तर की सुविधा दी गई है।  इसमें 10 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट और 10 सामान्य मरीजों के लिए हैं।

    अस्पताल में 20 बिस्तर की सुविधा दी गई है। इसमें 10 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट और 10 सामान्य मरीजों के लिए हैं।

    निचली श्रेणी के पुलिसकर्मियों को ज्यादा फायदा होगा
    अस्पताल में 20 बिस्तर की सुविधा दी गई है। इसमें 10 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट और 10 सामान्य मरीज के लिए हैं। कोविड कैर सेंटर के संचालन के लिए जांजगीर जिला अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीम की सहायता ली गई है। विशेष बात यह है कि सुविधा का फायदा निचली श्रेणी के पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को मिलेगा। छोटे स्टाफ क्वार्टर होने के कारण होम आइसोलेशन के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    जिले में अब तक 3 पुलिसकर्मियों का कोरोना से हो चुका है
    पुलिसकर्मी पिछली बार से ही कोरोना क्रेलाइन वैरियर के रूप में अपनी सेवाएं सड़कों पर दे रहे हैं। इस दौरान कई पुलिसकर्मी खुद भी पॉजिटिव हुए और उनके परिवारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इस दौरान तीन पुलिस जवानों की मौत भी हो चुकी है। इनमें से शक्ति थाने में पदस्थ कांस्टेबल पुष्पेंद्र चंद्रा, एसपी ऑफिस में पदस्थ पुरुषोत्तम राठौर और पालगढ़ थाना प्रभारी व्हानु प्रसाद टंडन शामिल हैं। यह देखता है कि अस्पताल खोला गया है।

    सुविधा का फायदा निचली श्रेणी के पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को मिलेगा।  छोटे स्टाफ क्वार्टर होने के कारण होम आइसोलेशन के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    सुविधा का फायदा निचली श्रेणी के पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को मिलेगा। छोटे स्टाफ क्वार्टर होने के कारण होम आइसोलेशन के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    पुलिसकर्मियों को त्वरित उपचार मिले, ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं
    प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हमारे अधिकारी, कर्मचारी लगातार लॉकडाउन में ड्यूटी कर रहे हैं। इस दौरान अस्थिरता पर उनकी त्वरित चिकित्सा के लिए सुविधा बढ़ाई गई है। इस कोविड अस्पताल में पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिजनों को भी स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। आगे जरूरत और संसाधन के अनुसार, सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा।
    – पारुल माथुर, एसपी, जांजगीर-चांपा

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