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अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से हत्यारोपी आरोपी कैदी फरार: कोरोनाटिक मीटिंग पर 5 दिन पहले किया गया था भर्ती, ड्यूटी पर तैनात प्रहरी सस्पेंड

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अंबिकापुर5 मिनट पहले

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कैदी संतोष यादव कोर्ट के आदेश के बाद से बलरामपुर के रामानुजगंज जेल में बंद था। उसकी तबीयत के बीच बिगड़ी तो उसे उपचार के लिए जून 2020 में अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड से सोमवार को एक कैदी फरार हो गया। आने वाले के बाद उसे 5 दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वार्ड के बाहर एक जेल प्रहरी की ड्यूटी भी लगाई गई थी, लेकिन उसे कैदी के भागने का पता ही नहीं चला। घटना की जानकारी सुबह शुरू हुई तो एक घंटे बाद अफसरों को सूचना दी गई। जेल प्रशासन ने प्रहरी को सस्पेंड कर दिया है। कैदी हत्या के आरोप में जेल में बंद था।

जानकारी के मुताबिक, सरगुजा के धौरपुर में चंदेश्वरपुर निवासी संतोष यादव हत्या के आरोप में अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए उसकी 5 मई को जांच की गई। इस पर डॉ की सलाह से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में अन्य विचाराधीन कैदियों के साथ भर्ती कराए गए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेल प्रहरी मनीष बंछोर की ड्यूटी को अलग वार्ड के बाहर लगाई गई थी।

जेल प्रहरी मनीष बंछोर की ड्यूटी रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक थी।  जब ड्यूटी पूरी होने लगी तब मनीष को कैदी के भागने का पता चला।

जेल प्रहरी मनीष बंछोर की ड्यूटी रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक थी। जब ड्यूटी पूरी होने लगी तब मनीष को कैदी के भागने का पता चला।

जब प्रहरी की ड्यूटी खत्म होने लगी तो दौड़ का पता चला
जेल प्रहरी मनीष बंछोर की ड्यूटी रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक थी। जब ड्यूटी पूरी होने लगी तब मनीष को कैदी के भागने का पता चला। पहले तो वह खुद ही उसकी तलाश करता रहा, लेकिन जब नहीं मिला तो लगभग एक घंटे बाद जेल गेट प्रहरी मनोज सिंह और गार्ड इंचार्ज शंकर प्रसाद तिवारी को सूचना दी गई। इस संबंध में धौरपुर थाना प्रभारी को चिह्नित किया गया और एफआईआर दर्ज की गई। वहीं मनीष को सस्पेंड कर दिया गया है।

उपचार के लिए रामानुजगंज जेल से भेजा गया था केंद्रीय जेल
कैदी संतोष यादव कोर्ट के आदेश के बाद से बलरामपुर के रामानुजगंज जेल में बंद था। उसकी तबीयत के बीच बिगड़ी तो उसे उपचार के लिए जून 2020 में अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। यहां पर उसमें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए गए थे। जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने बताया कि इसके बाद जेल की डॉ प्रगति सोनी के परामर्श से उन्हें 5 मई को को विभाजित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कैदी की तलाश की जा रही है।

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