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लॉकडाउन में मोबाइल मेडिकल यूनिट: बालोद जिले के गांवों तक पहुंचने डाक्टरों की टीम, कोरोनाटेटिव व वनांचल के क्षेत्र में इलाज, पिछले 18 दिनों में 371 मरीजों तक पहुंचाई राहत

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बालोद12 मिनट पहले

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बालोद की मोबाइल मेडिकल यूनिट इस संक्रमण काल ​​में घर तक पहुंचकर मरीजों का इलाज कर रही है। जिसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) बिल्कुल ग्रामीण पहुंच विहीन क्षेत्रों में काम कर रही है। पिछले 18 दिनों में 371 ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को सीधा लाभ पहुंचाया है। इस इकाई में हमेशा दो डॉ। एक पुरुष व एक महिला व अन्य पैरामेडिकल का स्टाफ साथ रहता है। यह प्रदेश में इकलौती MMU है, जिसमें रोगी को ढेर सारी सुविधाओं को एक साथ शामिल किया गया है। बालोद जिले में MMU जिला मुख्यालय से दुरस्त क्षेत्रों में काम कर रहा है। बालोद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बताया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत ही इस इकाई को तैयार किया गया है। लेकिन इसमें विशेष सुविधाएँ को अलग से जोड़ा गया है। जैसे पैथोलॉजी (सेमी आटो एनालाईजर), सीबीसी, सेन्ट्रीफ्यूज मशीन, ईसीजी मशीन सहित अन्य जांच के उपकरण मौजूद हैं। कोरोना संक्रमण काल ​​में यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहा है। यह यूनिट होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के लिए दवाएं और परामर्श देने का काम कर रही है। इसके साथ ही छिंदमेंट जोन में सकारात्मको के लिए दवाई व काउसलिंग का काम भी किया जा रहा है। यह विशेष रूप से अप्रधान महिलाओं और आदिवासी वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के इलाज के लिए बनाया गया है। जिसका उपयोग इस महामारी के दौर में अच्छे से किया जा रहा है।

आदिवासी क्षेत्र के लोगो का इलाज किया जा रहा है, और उन्हें कोरोना संक्रमण और अन्य बीमारियों के बारे में जागरूकुक किया जा रहा है।

आदिवासी क्षेत्र के लोगो का इलाज किया जा रहा है, और उन्हें कोरोना संक्रमण और अन्य बीमारियों के बारे में जागरूकुक किया जा रहा है।

एमएमयू में मौजूद उपकरण
इस विशेष इकाई की पैथोलॉजी में लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट और हृदय की जांच के अलावा सभी रक्त संवेदनल के माध्यम से मानक इकाई के आधार पर जांच सेमी आटी एनालाईजर के माध्यम से किया जाता है।

  • सीबीसी इस उपकरण का उपयोग हिमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएससी, प्लेटलेट, एमसीबी, पीसीवी, एनसीएच और एनसीएचसी, एक्सूलेट काउंट और डिफेन्सेलल काउंट, एक्सलूट काउंट, हिमालयपुरी से संबंधित पूरे रक्त के सेम्पल से जांच की जाती है।
  • सेन्ट्रीफ्यूज मशीन रक्त में पाए जाने वाले सीरम और प्लोस को रक्त से अलग करने की उपयोग में लाया जाता है।
  • ईसीजी मशीन हार्ट की जांच की जाती है।
  • अन्य सुविधाओं में फ्रीज में ब्लड सेम्पल एंटीजन रियेजन और रियेजन किट को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने के लिए मौजूद है।
  • यूनिट में डॉक्टरो का दल और मरीज के बैठने के लिए कुर्सियोंियों की सुविधा भी है।
  • इसमें दो डॉ (महिला व पुरुष) एक स्टाफ नर्स, एक हर्बलिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन और वाहन चालक सहित एक बार्ड बयारी रहती है।
MMU में जांच करने के उपकरण जिसे शामिल किया गया है।

MMU में जांच करने के उपकरण जिसे शामिल किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्र के 371 से अधिक रोगी को उपचार मिला
जिले में लॉकडाउन 17 मई तक रखा गया है। लिहाजा MMU का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। टेकापार गांव के रहने वाले कन्हैया लाल यादव, खंभन साहू, किशोरी नेताम व उर्मिला बाई ने बताया कि उन्हें इस चलित अस्पताल के माध्यम से दवाइयां व परामर्श मिला है। जिसे हमें अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्र की प्रेग्नेंट महिलाओं और अन्य गांव के लोगो तक इलाज पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र की प्रेग्नेंट महिलाओं और अन्य गांव के लोगो तक इलाज पहुंचाया जा रहा है।

वहीं जिले के सभी विकासखंडों में कोरोनाफार्म क्षेत्रों में जाना गर्भवती माताओं, गंभीर रोगियों, बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और दवाईयां इनिमुक्त दी जा रही है। इसके साथ ही साथ ग्रामीण क्षेत्रों में 18 प्लस वैक्सीनेशन प्रदान के लिए जागरूकुक किया जा रहा है।

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