Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

बस्तर में नए स्ट्रेन का उठना: छत्तीसगढ़ बार्डर सील, पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जंगल के रास्तों में मजदूरों की एंट्री हो रही है; अफसर बोले- नक्सल क्षेत्र के कारण समस्या पैदा हुई

  • हिंदी समाचार
  • स्थानीय
  • छत्तीसगढ
  • आंध्र प्रदेश कोरोनावायरस न्यू स्ट्रेन; सुकमा और बीजापुर वाया छत्तीसगढ़ नक्सल प्रयास वन क्षेत्र में प्रवेश करते ग्रामीण

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बीजापुर / सुकमा13 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

बीजापुर में भोपालपट्नम के एसडीएम हेमेंद्र बुआर्य कहते हैं कि चेक पोस्ट से गुजरने वाले हर किसी की जांच की जा रही है। ज्यादातर मजदूर जंगल के रास्तों से भी आ रहे हैं। नक्सल इलाका होने की वजह से थोड़ी परेशानी होती है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में आंध्र प्रदेश तनाव का खतरा बढ़ गया है। पड़ोसी राज्यों को जोड़ने वाली सभी सीमाओं को सील कर रहे हैं। चेकपोस्ट बनाकर जांच भी की जा रही है, पर ग्रामीण अब जंगल के रास्ते एंट्री कर रहे हैं। यह मजदूर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना मिर्ची तोड़ने के लिए गए थे। अफसरों को भी इसका पता है, लेकिन नक्सली इलाका होने के कारण उनके सामने भी समस्या है। ऐसे में बीजापुर और सुकमा जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती आ गई है।

2 दिन में 200 किमी का सफर तय कर बीजापुर ग्रामीण पहुंचे
लॉकडाउन के कारण सेज्यीय परिवहन बंद है। जो वाहन आ रहे हैं, उनकी जांच की जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने अपने घरों तक पहुंचने के लिए जंगल का रास्ता पकड़ लिया है। ये ग्रामीण बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और जगदलपुर से तेलंगाना के धर्माराम मजदूरी करने वाले थे। मजदूरों ने बताया कि वे 2 दिन पहले सुबह निकले थे। दोपहर में पेड़ के नीचे रुकते और रात में फिर यात्रा शुरू होती है। ऐसे में 200KM का सफर तय कर बीजापुर पहुंचे हैं।

यह तस्वीर सुकमा की है।  जब ग्रामीण जंगल के रास्तों से होते हुए सड़क पर पहुंचे तब तक प्रशासन को इसकी जानकारी लगी।

यह तस्वीर सुकमा की है। जब ग्रामीण जंगल के रास्तों से होते हुए सड़क पर पहुंचे तब तक प्रशासन को इसकी जानकारी लगी।

बीजापुर में 2200 और सुकमा में 7700 से ज्यादा नामों की एंट्री
बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र तरलागुड़ा में चेक पोस्ट बनाया गया है। इस चेक पोस्ट में तेलंगाना और अन्य राज्यों से आने वाले करीब 2200 से ज्यादा लोगों के नामों की एंट्री हो चुकी है। ये 6 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं सुकमा के कोंटा चेक पोस्ट पर 7764 लोगों के नाम प्रशासन ने रजिस्टर में दर्ज किए हैं। इनमें से 117 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि यह सिर्फ वह लोग हैं, जो सड़क मार्ग से प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से कई श्रमिक अपने घर भी पहुंच गए
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आ रहे कई मजदूरों के सुकमा, बीजापुर सहित पड़ोसी जिलों में अपने घर पहुंचने की जानकारी मिल रही है।]जिन जंगल के रास्तों का उपयोग ग्रामीण कर रहे हैं, वे पूरी तरह से नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। इसके कारण प्रशासन को भी इसका पता नहीं लग पा रहा है। यह ग्रामीण सुकमा और बीजापुर में के गांवों में पहुंचे हैं। इनकी न तो कोरोना जांच हुई है और न ही प्रशासन के रजिस्टर में इन मजदूरों के नाम दर्ज हैं।

समस्या तो आ रही है, ग्रामीणों तक पहुंचने का दावा भी
बीजापुर में भोपालपट्नम के एसडीएम हेमेंद्र बुआर्य कहते हैं कि चेक पोस्ट से गुजरने वाले हर किसी की जांच की जा रही है। गर्मी के कारण नदी-नाले सूखे हुए हैं, इसलिए ज्यादातर मजदूर जंगल के रास्तों से भी आ रहे हैं। नक्सल इलाका होने की वजह से थोड़ी परेशानी होती है, जब ग्रामीण सड़क पर पहुंचते हैं तो उन तक पहुंच जाते हैं। वहीं सुकमा के कोंटा एसडीएम बनसिंह नेताम ने बताया की ग्रामीण अंचलों और जंगल के रास्तों पर भी नजर रखी गई है। जो भी लोग आ रहे हैं, उनके नामों की एंट्री व जांच भी की जा रही है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: