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अभिषेक मिश्रा हत्याकांड: भिलाई के हाई प्रोफाइल मर्डर केस में आज फैसला, सेशन जज अनलाइन सुनाई सजा; गोताखोरों के बाद ऊपर उगा दी सब्जी थी

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भिलाईएक घंटा पहले

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छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुए हाई प्रोफाइल अभिषेक मिश्रा हत्याकांड के फैसले में अब ऑनलाइन होने जा रहा है। सोमवार की सुबह 11.30 बजे होना है। सीनियर वकील राजकुमार तिवारी ने बताया कि हत्याकांड में आरोपी विकास जैन अजीत सिंह और उसमसी जैन के खिलाफ सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने अपना फैसला सुनाया।

नवंबर 2015 में अभिषेक मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। 10 नवंबर 2015 की शाम शंकराचार्य के कालेज के चेयरमैन आईपी मिश्रा के इकलौते बेटे अभिषेक मिश्रा का अपहरण हुआ था। किडनैपिंग की खबर ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। पुलिस ने भी इसे हल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। यही कारण था कि पूरे देश के लगभग एक करोड़ मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने के बाद पुलिस की निगाह भिलाई में रहने वाले सेक्टर -10 निवासी विकास जैन के ऊपर आ टिक गई थी।

लगभग 45 दिन बाद मिली थी प्रत्येक

एक ओर पुलिस कॉल डिटेल को आधार बनाकर जांच शुरू कर चुकी थी, वहीं दूसरी ओर किडनैपिग की घटना के लगभग 45 दिन बाद आरोपी विकास जैन के चाचा अजीत जैन के स्मृति नगर निवास के बगीचे में अभिषेक की सड़ी गली लाशों के साथ हुई है। आरोपियों ने बेहद ही शातिराना अंदाज में डिजाइनरों को दफना कर ऊपर फूल गोभी की सतर्कता उगा दी थी। पुलिस ने डिजाइनरों के पास हाथ का कड़ा, अंगूठी और लाकेट देखकर अभिषेक की लाश होने की पुष्टि की थी। जीन का डीएनए टेस्ट भी कराया गया था।

वारदात में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए

मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें अभिषेक के कालेज में पढ़ाने वाली प्रोफेसर किमसी जैन, उनके पति विकास जैन और उनके चाचा अजीत शामिल थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लगातार इस मामले की जांच की गई और जांच पूरी होने के बाद दुर्ग न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई। लगभग 5 साल (2016) से ये मामला दुर्ग जिला न्यायालय में चल रहा है।

अभिषेक हत्याकांड में फैसला का समय आ गया।  आज सुनाया जाएगा प्रदेश का सबसे हाईप्रोफाइल हत्याकांड में फैसला।

अभिषेक हत्याकांड में फैसला का समय आ गया। आज सुनाया जाएगा प्रदेश का सबसे हाईप्रोफाइल हत्याकांड में फैसला।

क्या मामला था और क्यों की गई थी हत्या

पुलिस की थ्योरी में आया था कि आरोपी किम्सी जैन, अभिषेक मिश्रा के कालेज में काम करता था। इसी दौरान दोनों करीब आए थे। साल 2013 में किम्सी ने विकास जैन से शादी कर ली और कालाज की नौकरी को छोड़ दी। लेकिन अभिषेक चाहता था कि उनका रिश्ता कायम रहे। वह लगातार उसम्सी पर इसके लिए दबाव डाल रहा था। परेशान किम्सी ने पूरी बात अपने पति विकास को बताई। पति के मन में बदला लेने की भावना आ गई। इसके बाद उसम्सी, उसके पति विकास और उसम्सी के चाचा अजीत सिंह ने हत्या की शिकार रची थी।

अभिषेक मिश्रा को किम्सी ने चौहान टाउन स्थित घर पर 9 नवंबर 2015 को बुलाया। घर पहुंचने के बाद किम्सी और अभिषेक के बीच विवाद हुआ। पहले से मौजूद विकास और अजीत ने अभिषेक के सिर पर पीछे से लिन से वार किया, जिससे वह वहीं कमरे में गिर गया। फिर अभिषेक को किम्सी के चाचा अजीत सिंह जो दूरी पर स्मृति नगर भिलाई में रहती थी। उसको वहाँ ले जाना पहले से किए गए 6 फीट गहरे गड्ढे में ले जाकर दफना दिया था।

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