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महासमुंद जेल ब्रेक की पूरी कहानी: यूपी के शातिर राहुल ने बनाई थी योजना; मगर बाहर लॉकडाउन से बेखबर, जंगल की पगडंडियों की रात भर रही फिर पुलिस ने दबोचा

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रायपुर43 मिनट पहले

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जेल से भागने का प्लान लूट और डकैती के आरोपी राहुल ने बनाया था।

महासमुंद की जेल की 21 फीट ऊंची दीवार को 5 बदमाश पार कर कर, पुलिस को चकमा देकर भाग गई। लेकिन अपने गुनाहों से भागकर कहां जाता है? फरार कैदियों में से इस जेल ब्रेक का मास्टर माइंड अपने सभी साथियों के साथ पकड़ा गया है। जेल से भागने का प्लान लूट और डकैती के आरोप में सलाखों के पीछे रहकर 22 साल के राहुल ने बनाया था। जब पुलिस ने पकड़ा तो इसने इस कांड के पीछे की पूरी कहानी बताई। पढ़ें प्रदेश भर में चर्चा में रहने वाले साल 2021 की इस बड़ी जेल ब्रेक के पीछे की पूरी कहानी है।

जेल के बाहरी हिस्से का अफसर जायजा लेने पहुंचे जहां से ये शातिर भागे थे।

जेल के बाहरी हिस्से का अफसर जायजा लेने पहुंचे जहां से ये शातिर भागे थे।

7 दिन से चल रहा था
महासमुंद के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि राहुल ने ही जेल से दौड़ का पूरा प्लान तैयार किया था। इसने साल 2019 में एक लूट की घटना को अंजाम दिया था। मूलत: यूपी के गाजीपुर का रहने वाला है। तब महासमुंद की पुलिस ने इसे इसके साथ लूट की वारदात में शामिल दौलत और डमरूधर को पकड़कर जेल भेज दिया।]ASP मेघा टेंभुरकर ने बताया कि 7 दिन पहले से राहुल ने जेल से भागने का प्लान बनना शुरू किया। जेल के जिस हालसें में बंद थे। वहाँ पद गार्ड की ड्यूटी से लेकर किस जगह से निकला जा सकता है हर बात पर अपने साथियों के साथ मिलकर नजर रख रहा था। इसके बाद इसे दीवार फांदकर भागना सही लगा तो वो इसकी तैयारी में लग गई।

जेल से भागने में इन्हीं चीजों की मदद से 5 कैदियों ने ये दुस्साहस कर दिया।

जेल से भागने में इन्हीं चीजों की मदद से 5 कैदियों ने ये दुस्साहस कर दिया।

वर्ष 2020 से ही बलात्कार का आरोपी दौलत और नशीले चीजों का धंधा करने वाला करन 2019 से जेल में। राहुल से इनकी दोस्ती हो गई थी। राहुल ने उन्हें भी अपनी योजना में शामिल किया। इसके बाद यह तय हो गया कि दीवार फांदकर भागना है। 21 फीट की उंचाई की दीवार पार करने का भी प्रबंधित प्लान बना। जेल में चार, कंबल शॉल जैसी चीजों को जोड़कर में उसने एक रस्सी बना ली है। बैरक के पास शुरू ट्यूब लाइट की पट् टी को बदलकर इन शातिरों ने एंगल बनाया है। गुरुवार की दोपहर जब जेल का कोई भी स्टाफ इन पर नजर रखने को मौजूद नहीं था, इन बदमाशों को यही मौका सही लगा। एंगल को जेल की दीवार के ऊपर लगे लोहे से फांसाया। इसके बाद दो ने एक साथी कंधों पर उठाया और फिर शुरू हो गए जेल ब्रेक का खेल लगभग 30 मिनट की मशक्कत के बाद ये शातिर जेल की दीवार से दूसरी तरफ उतर गए।

एक साथी जेल के कर्मचारियों पर नजर रख रहा था और बाकि कुछ ऐसे जुगत लगा रहे थे।

एक साथी जेल के कर्मचारियों पर नजर रख रहा था और बाकि कुछ ऐसे जुगत लगा रहे थे।

जोश-जोश में भागे लॉकडाउन की खबर नहीं थी
एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पूरे जोश में ये 21 फीट की दीवार पार कर गई। जब वहाँ से नीचे कूदे तो पाँचों के पैर और घुटने में चोट आई। राहुल इस बात से बेखबर था कि बाहर तो लॉकडाउन है। न गाड़ियां चल रही हैं न ही कुछ खाने को मिलेगा। पूरी ताकत लगाकर भागे, लेकिन हमारी टीम ने भी पीछा करते हुए उन्हें पकड़ लिया। राहुल ने महासमुंद के बदमाशों को अपने साथ लिया, ये सभी अपने-अपने घरों की तरफ भाग रहे थे। राहुल इस उम्मीद में था कि सड़क के रास्ते ओडिशा और फिर से यूपी चले जाएंगे। लेकिन ये हो न हो पटेवा के पास से राहुल पकड़ गए थे। करण, दौलत और डमरूधर नाम के बदमाशों को भी पकड़ लिया गया, पांचवे फरार कैदी धन दौलत की तलाश जारी है।

जेल से भागे दौलत और करण लहरे को गुरुवार रात में ही पुलिस ने पकड़ लिया था।

जेल से भागे दौलत और करण लहरे को गुरुवार रात में ही पुलिस ने पकड़ लिया था।

पूरी तरह से सड़कें सील, तो जंगल से चलने का बना प्लान
पांचों बदमाशों जैसी जेल से भागे, पूरे जिले की पुलिस समीक्षा मोड पर आ गए। जगह-जगह नाकेबंदी हो गई। हर गांव में पुलिस पेट्रोलिंग शुरू हुई। लोगों के वॉट्सअप ग्रुप्स में फरार कैदियों की फोटो भेजी जाने लगी। ये सब राहुल और उनके साथी समझ गए थे। मेन रोड पर पुलिस की गाड़ियां चौकस थी, तो युवकों ने जंगल के रास्ते चलने का प्लान बनाया। घटना के लगभग 24 घंटे तक वह जंगल के रास्तों पर ही चल रहा था। घटना के फौरन बाद तो पूरा दम लगाकर युवक भागे। मगर दीवार फांदने की वजह से शुरू हुईं पे चाल धीमी कर दी, जंगल की पगडंडियों पर लंगड़ाते हुए पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

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