Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

जारी है कोरोना से लड़ाई की कोशिशें: बिलासपुर के लखनी देवी मंदिर में 10 दिन में बनाया गया 30 बिस्तर का को विभाजित अस्पताल, 2 दिन में शुरू होगा; सीवी रमन विश्वविद्यालय में 20 बिस्तर का निर्माणाधीन

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बिलपुरएक घंटा पहले

  • (*2*)
  • कॉपी लिस्ट

कलेक्टर डाॅ। सारांश मितर ने कहा कि न्यूनतम समय में कोरोना रोगियों के लिए अधिक से अधिक आक्सीजन वाले बिस्तर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।]

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार और प्रशासन की इससे लड़ाई को लेकर तमाम कोशिशें भी जारी हैं। ऐसे में बिलासपुर का प्रख्यात महालक्ष्मी लखनीदेवी मंदिर भी आगे आया है। मंदिर परिसर में प्रशासन के सहयोग से 10 दिन में 30 बिस्तर के को विभाजित अस्पताल का निर्माण किया गया है। यह केंद्र 2 दिन में काम करना शुरू कर देगा। वहीं, डॉ। सीवी रमन विश्वविद्यालय में 20 बिस्तर का अस्पताल निर्माणाधीन है।

सभी बिस्तर ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ, 10 आक्सीजन कंट्रक्टर भी(*30*)रतनपुर स्थित लखनी देवी मंदिर परिसर में बनाए गए कोविड कैर सेंटर में सभी 30 बिस्तर ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ हैं। इसके अलावा यहां 10 ऑक्सीजन कंसट्रेटर मशीन की व्यवस्था की गई है। देवी मां महालक्ष्मी का यह प्राचीन मंदिर लाखों भक्तों के आस्था का केंद्र है। लखनी देवी शब्द लक्ष्मी का ही अपभ्रंश है। इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजा देव तृतीय के राज्य की खुशहाली के लिए उनके प्रधानमंत्री गंगाधर ने साल 1179 में बनाया।

विश्वविद्यालय परिसर में 20 बेड का अस्पताल, 10 में ऑक्सीजन सपोर्ट(*30*)वहीं कोटा स्थित सीवी रमन यूनिवर्सिटी परिसर में 20 बेड के कोविड कैर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 10 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट वाले भी होंगे। कलेक्टर डाॅ। सारांश मितर ने शुक्रवार को दोनों को विभाजित कर कैर सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल्द ही सारा काम खत्म करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि न्यूनतम समय में कोरोना रोगियों के लिए अधिक से अधिक आक्सीजन वाले बिस्तर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में सतर्कता कम हुई, मौत का आंकड़ा अभी बहुत ज्यादा है(*30*)कोरोना काल में शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। लगातार दूसरे दिन कोरोना के मरीज को 1 हजार से कम मिले। गुरुवार को जहां 803 संदिग्ध मिले थे, तो शुक्रवार को यह संख्या और कम हुई और निष्क्रिय रोगी 605 ही मिले। डिस्चार्ज होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी सुखद रहा और 1417 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए। लेकिन मौतों का ग्राफ ज्यादा नीचे नहीं जा रहा है। विभिन्न कोविड अस्पताल व केंद्र में भर्ती 44 मरीजों ने दम तोड़ दिया।

(*20*)खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: