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आकाश से गिरी आफत ने लील लिया परिवार: धान की फसल देखने खेत में गए थे, तेज आवाज के साथ गिरी बिजली, पिता-पुत्रों, दामाद सहित 4 की मौत, भाई-बहन की हालत गंभीर

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  • कोरिया बिजली की हड़ताल दुर्घटना | लाइटनिंग स्ट्राइक में पिता और 2 बेटियों सहित एक परिवार के 4 सदस्य मारे गए, 2 घायल छत्तीसगढ़ कोरिया में

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मनेंद्रगढ़27 मिनट पहले

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हादसे के बाद सभी को इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जयलाल, उसकी बेटी प्रमिला, सुभद्रा और कीमताद भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया।

छत्तीसगढ़ के कोरिया में गुरुवार शाम आसमानीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। इन पिता, 2 पुत्रियों और कीमताद शामिल है। जबकि एक अन्य बेटी और पुत्र गंभीर रूप से झुलस गए। यह सभी लोग खेत में धान देखने के लिए गए थे। इसी दौरान तेज आवाज के बिजली गिर पड़ी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मामला केल्हारी थाना क्षेत्र का है।

गंभीर रूप से घायल हुए पुत्र सुरजन और बेटी बुध्दी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया गया है।

गंभीर रूप से घायल हुए पुत्र सुरजन और बेटी बुध्दी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ में बिछलीटोला निवासी जयलाल (45), अपनी बेटियों प्रमिला (20), सुभद्रा (15) व बुद्धि, पुत्र सुरजन और दामाद भूपेंद्र (25) के साथ गुरुवार शाम करीब 4 नदी किनारे खेत में रोपे गए धान की फसल की देखरेख करने गए थे। इस दौरान तेज आवाज हुई और आकाशीय बिजली खेत में गिर पड़ी। इस दौरान किसी को बचने का मौका नहीं मिला और चपेट में आकर सभी गंभीर रूप से झुलस गए।

गंभीर रूप से घायल भाई-बहन को जिला अस्पताल रेफर किया गया
हादसे के बाद सभी को इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जयलाल, उसकी बेटी प्रमिला, सुभद्रा और कीमताद भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल हुए पुत्र सुरजन और बेटी बुध्दी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया गया। हादसे के चलते परिवार और गांव में मातम का माहौल है। अचानक हुई इस हादसे ने सभी को काफी डरा भी दिया है।

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बिजली गिरने पर क्या करें

  • सिर के बाल खड़े हो जाओ या झुनझुनी होने लगी तो फौरन नीचे बैठकर कान बंद कर लें। यह इस बात का संकेत है कि आपके आसपास बिजली गिरने वाली है।
  • कहाँ हैं, वहाँ रहे हैं; हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें।
  • दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रखें अपने सिर को जमीन की तरफ जितना संभव हो उतना झुका लें। सिर को जमीन से सटने न दें। जमीन पर कभी न लेटें।
  • बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहें, तार वाले संचार का इस्तेमाल न करें। , दरवाजे, बरामदे और छत से दूर रहें।
  • पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं, इसलिए पेड़ के नीचे खड़े न हों। समूह में न खड़े रहो, अलग-अलग हो जाओ।
  • घर से बाहर हैं तो धातु से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल न करें। बाइक, बिजली के पोल या मशीन से दूर रहें।

क्यों गिरती है बिजली?

आकाशीय बिजली की लीटर डिस्चार्ज है ऐसा तब होता है, जब बादल में मौजूद हल्के कण ऊपर चले जाते हैं और पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं। भारी कण नीचे जमा होते हैं और निगेटिव चार्ज हो जाते हैं। जब पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज अधिक हो जाता है। तब उस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है। ज्यादातर बिजली बादल में बनती है और वहाँ खत्म हो जाता है, लेकिन कई बार यह पृथ्वी पर भी गिरती है। आकाशीय बिजली में लाखों-अरबों वोल्ट की ऊर्जा होती है। बिजली में अत्यधिक गर्मी के कारण तेज गरज होता है। बिजली आकाश से धरती पर 3 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गिरती है।

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