Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

प्रत्येक लिजर्ड का रेस्क्यू: भिलाई में नोवा नेचर ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद ओवर में किया, घर के छत पर कई दिनों से मौजूद था

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भिलाई2 घंटे पहले

  • कॉपी लिस्ट
(*2*)

भिलाई के कचांदुर में छिपकली की सबसे बड़ी प्रजाति प्रति लिजर्ड का रेस्क्यू किया गया है।

छत्तीसगढ़ के भिलाई में नोवा नेचर और वन विभाग के निर्देश पर छिपकली की प्रजाति को लिजर्ड का रेस्क्यू किया गया है। लिजर्ड कचांूर गांव के मोहम्मद वसीम के घर के छत पर पिछले कई दिनों से मौजूद था। इसे स्थानीय भाषा में गोह या बिसखोपरा के नाम से भी जानते हैं।

मोहम्मद वसीम ने बताया कि उसके घर के छत पर पिछले कई दिनों से सुविधाजनक लिजर्ड नजर आ रहा था। उन्होंने इसकी सूचना नोवा नेचर के सदस्य अजय कुमार को दी। अजय ने बताया कि छिपकली के बारे में हमें जानकारी दी गई, तो हम वसीम के घर पहुंचे लेकिन संपर्क लिजर्ड छत पर विकिरण में दिखी। उन्होंने बताया कि इसकी पकड़ बहुत मजबूत होती है। ड्रिलिंग से निकालने में 2 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। वर्तमान में उसे वन विभाग दुर्ग के दिशा निर्देश पर जंगल में छोड़ा गया है।

सबसे बड़ी छिपकली का रेस्क्यू किया गया।

ऐसा होता है
लीजर्ड जिसे हम गोह के नाम से भी जानते हैं। यह मुख्य रूप से स्थलीय भागों में रहता है। यह तेजनर व वृक्ष पर चढ़ने में मदद होती है। तैराकी में आक्रामक गोह जब दौड़ती है, तो पूछना ऊपर उठा लेती है। गोह खेतों के आसपास ज्यादा दिखाई देता है। चूहे व कीड़े मकोड़े और छोटे जीव इनका भोजन होता है। यह छिपकली के आकार का बड़ा सरीसृप है। इनका शरीर भूरा होता है, इनका शरीर छोटे-छोटे शल्क से भरा रहता है। इनकी जुबान सांप की तरह, पंजे मजबूत, धूम चपटी और शरीर गोल रहता है। इसकी पकड़ बहुत ही मजबूत होती है। इसके बच्चे चटकीले रंग के होते हैं। जिनकी पीठ पर बिंदिया पड़ी रहती है।

यह छिपकली के आकार का बड़ा सरीसृप है।  इनका शरीर भूरा होता है, इनका शरीर छोटे-छोटे शल्क से भरा रहता है।

यह छिपकली के आकार का बड़ा सरीसृप है। इनका शरीर भूरा होता है, इनका शरीर छोटे-छोटे शल्क से भरा रहता है।

किसी को नुकसान नहीं पहुंचा
अजय कुमार बताते हैं कि भ्रम है कि यह बहुत जहरीली होती है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है, यह किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुँचा है और न ही इसके काटने से किसी की मौत हो सकती है। वास्तव में किसी भी तरह का कोई भी जहर नहीं होता है।

कानून इसे नुकसान पहुंचाना अपराध है
दृष्टिकोण लिजर्ड गोह वन्य प्राणी अधिनियम के तहत संकटग्रस्त सूची में है। इसे किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने या इसकी शिकार करने पर या उनके शरीर के किसी भी अंग का व्यवसाय करने पर कानूनी रूप से कार्रवाई और सजा भी हो सकती है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: