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महिला पार्षद का इस्तीफा: धमधा नगर पंचायत में राजनीतिक घमासान, नेता और अधिकारी आमने-सामने, नाराज महिला पार्षद ने दिया इस्तीफा, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे का है विधानसभा क्षेत्र

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दुर्ग14 मिनट पहले

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धमधा नगर पंचायत में राजनीति घमासान शुरू। महिला पार्षद सरिता यादव ने CMO को सौपा निवास दिया।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धमधा नगर पंचायत की कांग्रेस महिला पार्षद सरिता यादव ने इस्तीफा दे दिया है। उनका तर्क है कि उनके अधिकारी सुनते नहीं हैं। लिहाजा उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीएमओ) धमधा को सौंप दिया है। इसके अलावा वे धमधा ब्लॉक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं। यह क्षेत्र सूबे के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे का है।
नेता और अधिकारी आमने-सामने
दुर्ग जिले की नगर पंचायत धमधा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान पर सतह पर आ गया है। आपसी खींचतान इतनी बढ़ गई है कि बात ResFA तक पहुंच गई है। प्रशासनिक व्यवस्था से नाराज कांग्रेस की महिला पार्षद सरिता यादव ने नगर पंचायत के सीएमओ जेपी बंजारे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, वह वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद है। महिला पार्षद के पति मनोज यादव ने बताया कि उनके वार्ड में विकास कार्यों को उप अभियंता विनायक गर्ग व अन्य अधिकारी ने रोक दिया है। हमे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
सरिता यादव ने रिजफा दिया
धमधा नगर पंचायत की पार्षद सरिता यादव वार्ड -15 की पार्षद है, वह दूसरी बार की पार्षद बनी हुई है। उनकी गिनती नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता गुप्ता के चिटे पार्शदों में से एक है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से नगर पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को लेकर उनके इंजीनियर से अनबन चल रहा था। यह बात को उन्होंने अध्यक्ष सुनीता गुप्ता से बताई भी थी। साथ ही उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों के माध्यम से स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री रवींद्र चौबे तक पहुंचाने का प्रयास भी जारी रखा। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि उन्होने resFA देना अपना निजी कारण बताया है।
वार्ड के विकास कार्य अधूरा है
पार्षद सरिता यादव से बात तो नहीं हो पायी उनके पति मनोज यादव ने बताया है कि वार्ड के कई कार्य अधूरा पड़ा है। ढाई साल से पांच लाख का कांजी हाउस का निर्माण अधूरा पड़ा है। टेंडर होने के बावजूद इंजीनियर ने रोड के कार्य का रोक दिया है। गर्मी में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। लेकिन टैंकर नहीं मिल रहा है। इसके अध्यक्ष और सीएमओ को जानकारी दी। लेकिन परीक्षण नहीं हो रहा है। जब वार्ड में जनता के उम्मीदों के मुताबिक काम ही नहीं हो रहा है तो पार्षद रहने का क्या मतलब है। इस कारण से उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया है।
क्या कहते हैं इंजीनियर
जब इंजीनियर विनायक गर्ग से बात की तो उनका कहना है कि कुछ कार्यों को लेकर उनकी शिकायत है। लेकिन कोविड की वजह से कार्य प्रभावित हुआ है, इस के लिए नाराजगी हो गई है। मनमुटाव वाली कोई बात नहीं है।

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