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प्रदेश में राहत की एक अच्छी खबर: रायपुर में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 2170 बिस्तर में से 1150 खाली, आईसीयू में भी 374 बिस्तर उपलब्ध

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रायपुर4 मिनट पहले

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  • राजधानी ही नहीं, अब प्रदेश में प्रदेश में भी 44 प्रतिशत बिस्तर खाली है क्योंकि अब एक्टिव केस यानी एक्टिव मरीज 100 में से केवल 16 ही है

कोरोना के लिहाज से प्रदेश में राहत की एक अच्छी खबर है। पूरे अप्रैल में अधिकांश केस वाले रायपुर के अस्पतालों में अब ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 53 प्रतिशत से अधिक बेड खाली हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता के अपडेटिंग पोर्टल के मुताबिक रायपुर के 112 कोरोना अस्पताल और कैर सेंटर में 988 सामान्य बिस्तर में से 767 खाली हैं।

जबकि ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 2170 बिस्तरों में 1150, 584 एचडीयू बिस्तर में से 333 खाली चल रहे हैं। रविवार देर शाम तक की स्थिति में आईसीयू के 1024 में से 374 बिस्तर और वेंटिलेटर के कुल 346 में से 131 बिस्तर खाली हैं। ऐसे लोग जो अस्पतालों में कहां बिस्तर उपलब्ध हैं, जहां नहीं हैं cgcovidjansahayta.com पोर्टल के जरिए जानकारी के बारे में भी बहुत कुछ हासिल किया है।

यही नहीं प्रदेश में भी 425 सरकारी प्राथमिक कोरोना अस्पतालों और कैर सेंटर में रविवार देर शाम की स्थिति में कुल 30,998 बिस्तरों में से 13699 बिस्तर खाली है। दूसरी लहर में प्रदेश में लगभग तीन सप्ताह बाद इस तरह की स्थिति बनी हुई है। जबकि प्रदेश के कोरोना अस्पतालों में 44 प्रतिशत से अधिक बिस्तर खाली हैं।

रायपुर के कोरोना अस्पतालों में

  • बिस्तर कुल बिस्तर खाली
  • अस्पताल और कैर सेंटर 112
  • कुल सामान्य बिस्तर 988 767
  • आईसीयू 2170 1150
  • वेंटिलेटर 346 131
  • एचडीयू 584 333

(स्रोत – छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग पोर्टल)

घर में 91 प्रति रोगी स्वैच्छिक

रायपुर में रिकवरी रेट 91% से अधिक है। राजधानी में 90% से ज्यादा रोगी घर में ही स्वस्थ होते हैं। होम आइसोलेशन में मरीजों की ठीक होने की संख्या अस्पताल के मरीजों से ज्यादा है। रायपुर में अब तक 1.30 लाख से ज्यादा मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जिनमें से 90% मरीज घर पर ही रहते हैं। होम आइसोलेशन की वजह से रायपुर में ज्यादातर लोग अस्पतालों की वजह घर में इलाज करवाना पसंद करते हैं।

प्रदेश में अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तरों की स्थिति में अब बड़ा सुधार देखा जा रहा है। बावजूद इसके वैकल्पिक तैयारियां भी चल रही है। ताकि स्थिति के लिए व्यवस्था पहले से उपलब्ध हो।
डॉ। सुयश मिश्रा, मीडिया इंचार्ज, स्वास्थ्य विभाग

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