Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

… तो पेड़ के नीचे हो गया आइसोलेट: 2 कमरे में रहता है 5 सदस्यों का परिवार, युवा नौकरों के साथ तो 4 रातें गुजार दीं पेड़ के नीचे; फिर कोविड सेंटर किया शिफ्ट

  • हिंदी समाचार
  • स्थानीय
  • छत्तीसगढ
  • कोविद 19 अद्यतन गरियाबंद में | कोरोना पॉजिटिव यूथ छत्तीसगढ़ ओडिशा बॉर्डर में इंफेक्शन से परिवार को बचाने के लिए उथेडर ट्री बना रहा

(*4*)

गरियाया हुआ22 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट
(*2*)

खिरोद ने घर से चटाई व अन्य जरूरी सामान लिया और गांव के बाहर लगे वट वृक्ष के नीचे अपना ठिकाना बना लिया।

कोरोना संक्रमण के बीच लोगों और रोगियों की मजबूरियों की तमाम कहानियाँ रोजाना ही सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद से महज 30 किमी दूर एक मंदिर युवक की पेड़ के नीचे ही आइसोलेट होने की तस्वीरें सामने आई हैं। यह लापरवाही कहती है, बेबसी या फिर परिवार की फिक्र, लेकिन 2 कमरों में रहने वाले 5 सदस्यों के परिवार के इस युवक ने अपने 4 रातें पेड़ के नीचे ही गुजार दीं। इसके बाद जब प्रशासन को पता चला तो उसे को विभाजित केंद्र शिफ्ट किया गया।

वास्तव में, छत्तीसगढ़-ओडिशा बार्डर परोकसरा ब्लॉक में डालगुमा पंचायत का छः सीसाम गांव है। यहां रहने वाला खिरोदयक (30) 28 अप्रैल को अपनी बीमार को लेकर इलाज के लिए भवानीपटना जिला अस्पताल गया था। उसकी मां के चेकअप के दौरान डॉ को खिरोद में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए। इस पर डॉ ने उसे टेस्ट कराने की सलाह दी। इस पर युवक ने टेस्ट कराया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उसी दिन दोपहर अलग-अलग संसाधन से मां-बेटे घर लौट आए।

पांच दिन सोशल मीडिया के जरिए पता चला तो परला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम पहुंची और उसे कोविड सेंटर शिफ्ट किया।

एक कमरे में किचन, एक में रहता है पूरा परिवार, तो वट वृक्ष को बना लिया घर
खिरोद अपने माता-पिता और 2 पुलिस के साथ 2 कमरे के मकान में रहता है। एक कमरे में किचन है और दूसरे में सभी सदस्य रहते हैं। ऐसे में घर में आइसोलेट रह पाना उसके लिए संभव नहीं था। यह देख खिरोद ने घर से चटाई व अन्य जरूरी सामान लिया और गांव के बाहर लगे वट वृक्ष के नीचे अपना ठिकाना बना लिया। वहाँ घर से उसके लिए रोज खाना आता था। पांच दिन सोशल मीडिया के जरिए पता चला तो परला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम पहुंची और उसे कोविड सेंटर शिफ्ट किया।

जानकारी का अभाव और सिस्टम की लापरवाही गिरने के भारी कारण थे
खिरोद 4 दिन तक पेड़ के नीचे ही आइसोलेट रहा और न प्रशासन, न स्वास्थ्य विभाग को इसका पता चला। युवक के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट जिले से ही ब्लॉक को चली गई थी, लेकिन उन्हें खबर ही नहीं थी। बीएमओ ने कहा कि उन्हें किसी ने सूचना ही नहीं दी। वहीं ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिकों को भी विभाजित प्रोटोकोल मेंटनेंस की जवाबदारी दी गई है, पर उन्होंने कहा था कि किसी ने भी नहीं बताया है। होम आइसोलेशन के फिक् प्रोटोकोल के मुताबिक कॉल कर लाइनअप करने और अन्य जरूरी प्रक्रिया भी पूरी तरह से होने वाली थी।

अफसर बोले- युवक ने ही नहीं बताया था
रिपोर्ट आने के बाद जिले में ही इसकी फॉरमेलिटी पूरी की गई थी। तब युवक ने होमइसोलेशन में रहने की इच्छा जताई थी। वहाँ से प्रस्थान के बाद ब्लॉक में किसी को अवगत नहीं किया गया था। जैसे ही पता चला उसे परला कोविड कैर सेंटर में शिफ्ट किया गया है।

– तत्वदर्शी दास, बीएमओ, खोकसरा

खबरें और भी हैं …

(*5*)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: