Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन: ज्यादा लोगों को टीका लगना इसलिए निगम कर्मियों की टीम घूमती रही मोहल्लों में, बोले: सुरक्षित है वैक्सीन, कार में बैठा लाए केंद्र तक

  • हिंदी समाचार(*44*)
  • स्थानीय(*44*)
  • छत्तीसगढ(*44*)
  • रायगढ़(*44*)
  • ताकि अधिक लोगों को टीका लगाया जा सके, इसलिए मोहल्ले में निगम कर्मियों की टीम घूम रही है, कहा: टीका सुरक्षित है, कार में केंद्र में लाया गया(*44*)

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायगढ़31 मिनट पहले

वैक्सीन की लाभार्थियों को केंद्र तक कार से लेकर पहुंचे निगम कर्मी।

18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन शहर के केंद्र में रविवार को शुरू हुआ। पहले दिन निगम कर्मियों के लिए मशक्कत होने जा रही है। निगम के वाहन में कर्मचारी गली-मोहल्ले में लोगों को ढूंढते रहे। ज्यादातर वे लोगoc लगने आए जो पार्शदों के प्रभाव में हैं या जिन्हें राशनकार्ड से नाम कट जाने का डर रहा है। कुछ जगह को समझने के बाद भी लोग टीका लगवाने नहीं गए।

टीकों की पर्याप्त उपलब्धता से पहले इस आयु वर्ग के लोगों में अंत्योदय कार्डधारियों को टीका लगाया जाना है। सुबह 10 बजे वैक्सीनेशन की शुरुआत पुत्रीशाला स्कूल कोष्टपारा से हुई। शाम तक 140 लोगों ने फर्स्ट डोज लगवाई। शहर में वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी निगम को दी गई थी। राजस्व विभाग की दो टीम अलग-अलग गाड़ियां लेकर वार्डों में घूमती रही।

टीकाकरण के लिए बोलने पर निगम कर्मियों पर ही लोग भड़कने लगे। कई मोहल्लों में निगम कर्मियों से लोगों ने सवाल पूछे कि जो लगवाने से कुछ हुआ तो उनके परिवार का भरण पोषण कौन करेगा। दिनभर में भी निगम की टीम गली-मोहल्लों में घूमकर दो चार व्यक्तियों से ज्यादा को केंद्र तक नहीं ला पाया।

सेंक लगवा सुरक्षित हो इसलिए नाम काटने का डर दिखाया

वार्ड पार्षदों को भी टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में वार्ड पार्षद अंत्योदय कार्ड धारकों को कार्ड से नाम कटने की आशंका जाहिर कर लोगों को वैक्सीन लगवाने की अनुमति दी गई। कुछ जगह पुराने पार्शदों ने खुद को लगाने और स्वस्थ रहने का उदाहरण देकर लोगों को केक लगवाने के लिए तैयार किया।

कार्ड में किसी का नाम नहीं तो कोई गरीबी रेखा का कार्ड नहीं पहुंचा

वैक्सीनेशन के दौरान एक समस्या आम दिखी। कई युवाओं के नाम उनके राशनकार्ड में नहीं मिल रहे थे। दरअसल परिवार के सदस्यों में सदस्य ज्यादा होने पर किसी का नाम छूट जाता है। राशन कार्ड में नाम नहीं होने पर उन्हें वापस लौटटाया जा रहा था।

एक समस्या यह भी थी कि लोग जानकारी के अभाव में गरीबी रेखा यानि लाल कार्ड (प्राथमिकता कार्ड) के बारे में पहुंच रहे थे। जबकि वैक्सीनेशन केवल (अंत्योदय कार्ड) पीले कार्ड वालों का ही बना रहा था जो जो उन्हें एक सप्ताह बाद आने के बाद कहा गया था।

वैक्सीन लगवाने से पहले दूर करें आशंका, पूछा: इसके बाद नहीं होगा?

भास्कर की टीम ने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक वैक्सीनेशन की स्थिति देखी। लोग टीका लगवाने के साथ ही सवाल भी पूछ रहे थे। कोई टीके के बाद संक्रमण की आशंका को लेकर सवाल पूछता है तो कुछ लोग आखिर में टीका लगवाने के नाम पर नफरत कर गए। वैक्सीन लगाने वाले संत श्रीवास और पुष्पा नाम की युवती से भास्कर ने बात की। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता ने वैक्सीन ले लिया है।

उनके परिवार में वे केवल आराम कर रहे थे। युवाओं ने बताया कि सोशल मीडिया में वैक्सीनेशन को लेकर तरह-तरह की अफवाह फैल रही है। जानकारी के अभाव में लोग वैक्सीन को लेकर गलत धारणा पालकर बैठे हुए हैं। इसलिए मोहल्ले से ज्यादातर युवा वैक्सीन लगाने नहीं आ रहे हैं। बाकी बचे ज्यादातर युवा दूसरे पर होने वाले वैक्सीन के प्रभाव को देखते हुए चाह रहे हैं। एक-दो दिन बाद युवाओं की भीड़ बढ़ सकती है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: