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सीएम ने की कोरोना पर चर्चा: मरीजों की पहचान कर दी दवा एक सप्ताह में घटने लगा संक्रमण

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रायपुर38 मिनट पहले

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  • सीएम भूपेश ने स्वास्थ्य वर्कर, एएनएम और मितानिनों की पीठ थपथपाई

प्रदेश में लॉकडाउन के बाद शहर और गांव के हालात की जानकारी लेने के लिए सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रायपुर व दुर्ग संभाग के स्वास्थ्य वर्कर, एएनएम और मितानिनों की रिपोर्ट ली। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य वर्कर, एएनएम और मितानिनों ने अभियान चलाकर कोरोनाफार्म लोगों की पहचान की। उन्हें दवाई दी।

इससे सप्ताहभर में कोरोना का संक्रमण कम हुआ है। इसके लिए सीएम ने सभी की पीठ थपथपाई। सीएम ने कहा कि प्रदेश में दवा, आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की कमी नहीं है। इससे पहले सीएम ने गरीबों को खाद्यान्न वितरण करने व निशुल्क अस्पताल लाने-ले जाने के लिए ए केरेंस सेवा की शुरुआत की।

स्वास्थ्य वर्करों से सीएम बघेल ने कहा कि संकट की घड़ी में आप सब बहुत ही जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा में जुटे हैं।]कोरोनायोग्य व्यक्ति गंभीर स्थिति में न पहुंचें, इसको ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने लक्षण वाले रोगियों को तत्काल दवा उपलब्ध कराने के लिए कोरोना दवा किट की उपलब्धता आप सभी के माध्यम से गांव-गांव में की है। इसका सार्थक परिणाम भी देखने और सुनने को मिल रहा है। राज्य में कोरोना रोगियों की रिकवरी में तेजी आई है। बीमारी को गंभीर होने से रोकने में भी मदद मिली है।

राज्य में कोरोना के हस्तक्षेप के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। एक सप्ताह में अस्थिरों को तत्काल चिह्नित कर उन्हें दवा देने और उसके सेवन शुरू करने में आप सब ने व्हिर्पण और सेवाभाव से काम किया है, यह उसी का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सबकी मेहनत से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को भी सार्थकस्त करने में सफल होंगे।

मितानिनों ने सीएम को बताया- कैसे ठीक हो रहा मरीज

सीएम बघेल को राजनांदगांव के मानपुर, बेमेतरा के साजा, पाटन, बालोद के डौंडीलोहारा, बलौदा बाजार-भाटापारा के पलारी, महासमुंद के बागबाहरा, गरियाबंद, रायपुर के अभनपुर की स्वास्थ्य वर्करों से बात की। उन्होंने बताया कि लक्षण का पता चलते ही दवाओं पर उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए रोगी तेजी से ठीक हो रहे हैं। पलारी की मितानिन रेशमा दानी ने बताया कि उनके वार्ड के 114 घरों के 15 लोग थे। वे दवा के सेवन से अब ठीक हो चुके हैं। कोदवा की मितानिन पुष्पा कन्नौज ने बताया कि गांव में 6 मितानिन हैं। यहां 43 कोरोना के मरीज थे। इनमें से 32 ठीक हो चुके हैं। शेष 11 रोगी नियमित रूप से दवा लेने के कारण अब स्वस्थ होने की स्थिति में हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता भवानी सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र के 5 गांवों में 81 कोरोनाटेप रोगी थे। इसमें से 45 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। शेष सभी रोगियों को दवाएं शुरू करने के लिए कहा गया है।

मौत पर चार लाख मिलने की बात को शासन ने गलत बताया

प्रदेश में किसी भी व्यक्ति की कोरोना यानी को विभाजित -19 से मृत्यु होने पर राज्य सरकार से ओर से कोई आर्थिक मुआवजा नहीं मिलेगा। इस तरह का प्रावधान राज्य व केंद्र सरकार की ओर से नहीं किया गया है। सरकारी दफ्तरों में इस तरह के आवेदन पहुंच रहे हैं। वे राजस्व पुस्तक में नियम 6-4 में इस तरह का प्रावधान होने का संदर्भ दे रहे हैं और चार-चार लाख की मांग कर रहे हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन सचिव डॉ। रीता शांडिल्य ने स्पष्ट किया है कि को विभाजित के मृतकों के आश्रितों को इस तरह की आर्थिक सहायता देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई भी दिशा-निर्देश नहीं हैं।

शुक्ला को स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार

राज्य शासन ने शनिवार को डॉ। आलोक शुक्ला को स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव हैं। अपर मुख्य सचिव रेयिर जी। पिल्ले प्रशासन अकादमी की महानिदेशक हैं। उनके पास अब तक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी थे। वे 1 मई से 15 मई तक अवकाश पर हैं। इस कारण से उनका एडिशनल चार्ज डॉ। शुक्ला को सौंपा गया है। डॉ। शुक्ला पूर्व में भी ये विभाग संभाल चुके हैं। प्रदेश में कोरोना की वजह से लाक डाउन है। स्कूल बंद हैं इस कारण से शुक्ला को ये विभाग दिए गए हैं।

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