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छत्तीसगढ़ जैसा जादू नहीं चला असम में: चुनाव प्रभारी भूपेश बघेल ने 36 विधानसभा क्षेत्रों में की जनसभाएं और रोड शो किया, 11 सीटों पर ही कांग्रेस आगे

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रायपुरएक घंटा पहले

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 अप्रैल को डेपुर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो कर कांग्रेस प्रत्याशी के लिए समर्थन बढ़ाने की कोशिश की थी। उनका यह प्रचार अभियान लगातार कई सप्ताह तक चला।

असम विधानसभा चुनाव की मतगणना लगभग पूरी होने को है। वहां सत्ताधारी भाजपा गठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार कर गया है। भाजपा के इस नए गढ़ को भेदने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी रणनीति का इस्तेमाल किया लेकिन कांग्रेस गठबंधन को बहुमत के लगभग बहुत कम लाभ मिला। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असम में जिन 36 विधानसभा सीटों पर अपना चुनाव प्रचार फोकस किया था, उनमें से केवल 11 सीटें कांग्रेस के पक्ष में आती दिख रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांधी ने चुनाव की घोषणा से काफी पहले जनवरी 2021 की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम में कांग्रेस का चुनावी पर्यवेक्षक और चुनाव प्रबंधक बना दिया था। छत्तीसगढ़ के ही कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय को राष्ट्रीय सचिव बनाकर असम का सह प्रभारी बनाया गया। उसके बाद से ही कांग्रेस के नेताओं का बड़ा हिस्सा असम चुनाव प्रचार में शामिल होने पहुंचा था। दूसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने तक असम में छत्तीसगढ़ के 500 से अधिक नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की टीम ने बूथ स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही गली-मोहल्लों में पंपलेट बांटने तक का काम किया। इनका फोकस अपर और मिडिल असम पर था। जहाँ चाय बागानों के आसपास छत्तीसगढ़िया मूल के लाखों लोग रहते हैं। चाय मजदूरों, सीएए-एनआरसी विरोध आंदोलन और स्थानीयतावाद और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के साथ कांग्रेस का सत्ता में संशोधन की उम्मीद थी, लेकिन यह पूरी तरह से नहीं मिला। नतीजों में दिख रहा है कि ऊपरी असम में भाजपा को एकतरफा वृद्धि मिली है।

हार के कई कारण हो सकते हैं समीक्षा हाएगी

कांग्रेस के असम प्रभारी विकास उपाध्याय ने कहा, ऊपरी असम के जिस इलाके में हम लोगों को लगाया गया था, वह पार्टी के लिए सबसे कठिन इलाका था। अभी के प्रोग्रामिंगन्स से यह साफ है कि हम असम में चुनाव हार गए हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। हमें जमीनी स्तर पर अधिक मेहनत करने की जरूरत है। कुछ दिनों में पूरी समीक्षा होगी। कारणों की तलाश की जाएगी। उन पर काम होगा।

भाजपा ने कहा, न असम में चुनाव जीत पाया न छत्तीसगढ़ में कोरोना की जंग

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव प्रचार पहले बिहार गए और फिर असम। दोनों स्थानों पर कांग्रेस का बुरा हाल हुआ। छत्तीसगढ़ की जनता से तो झूठे वादे कर सत्ता में आ गए लेकिन असम की जनता ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। श्रीवास्तव ने कहा, चाहे बंगाल हो या असम जनता ने कांग्रेस को सिरे से नकार दिया है। अब केवल ढाई साल बचे हैं, भूपेश बघेल जी! दुनियादारी को छोड़कर केवल छत्तीसगढ़ में ध्यान दीजिए। न असम में चुनावी जंग जीत पाया और न छत्तीसगढ़ में कोरोना की जंग।

अमित जोगी ने बाले, तम्-तम् बंटाधार

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अमित जोगी ने कहा, अमेठी के बाद असम की कमान संभालने वाले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल जी ने सिद्ध कर दिया है कि जह-जह पांव पड़े संतन के तम-तम बंटाधार। वे अपना राष्ट्रीय कद बनाने की असंभव महत्वाकांक्षा को पूरा करने में प्रदेश के सीमित संसाधनों को अन्य राज्यों में फूंकना बंद करें।

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