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महामारी में मिसल बने युवा: GPM में मुफ्त ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जा रहे अस्पताल ब्लड मेडिसिन ग्रुप, अब तक 300 से ज्यादा सिलेंडर दिए गए; गरियाबंद में अंतिम यात्रा के साथी बन रहे हैं

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गरियाबंद / पेंड्रा9 मिनट पहले

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यह तस्वीर गरियाबंद की है। जहां नि: शुल्क शव वाहन के माध्यम से परिजनों की मदद की जा रही है।

एक ओर जब रोगी ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हैं। हर ओर हाहकार मचा है। मरने के बाद भी शवों का शमशान और कब्रिस्तान नहीं मिल रहा। ऐसे में छत्तीसगढ़ में गौरेला-पेंड्रा-मृत्युभोग (जीपीएम) जिले और गरियाबंद के युवक महामारी में मिसल बन गए हैं। GPM में जहां युवाओं का संगठन हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन ग्रुप 20 दिन में 300 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध करा चुका है। वहीं, गरियाबंद में युवा नि: शुल्क शव वाहन उपलब्ध करा रहे हैं।

GPM: ग्रुप ने जारी किया है मोबाइल नंबर, हर रोज दे रहा है 15 ऑक्सीजन सिलेंडर
पेंड्रा का अस्पताल ब्लड मेडिसिन ग्रुप के मरीजों को लगातार मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इमरजेंसी के लिए ग्रुप ने दो मोबाइल नंबर 9479119444 और 91315 25177 जारी किए हैं। इस पर कॉल कर जरूरतमंद नि: शुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। 10 अप्रैल से करीब 15 सिलेंडर रोज लोगो की मदद के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक 300 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर दे चुके हैं। संस्था के पास सहयोग से 35 सिलेंडर और 1 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेशन भी है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी वैनिटी वैन पत्नी रेणु जोगी ने ग्रुप को दान कर दी है।  अब वह वैनिटी वैन ग्रुप के पास एकर्न्स के रूप में काम कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी वैनिटी वैन पत्नी रेणु जोगी ने ग्रुप को दान कर दी है। अब वह वैनिटी वैन ग्रुप के पास एकर्न्स के रूप में काम कर रहा है।

स्थानीय दुकानदार रिफलिंग के लिए इनसे कोई शुल्क नहीं लेते हैं
यह समूह कई वर्षों से जरूरतमंदों को मुक्त में ब्लड उपलब्ध करा रहा है। अब कोरोना संक्रमण काल ​​में रोगियों को प्राणवायु देने का बीड़ा भी उठा लिया जाता है। ग्रुप के सदस्य होम आइसोलेशन या क्वारंटाइन होने वाले जरूरतमंद मरीज को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराते हैं। इनकी सेवा भावना के कारण स्थानीय लोगों ने ऑक्सीजन पैकेज दान किए हैं। खास बात यह है कि इनको देखकर स्थानीय दुकानदारों ने भी ऑक्सीजन सिलेंडर की मुफ्त रीफलिंग शुरू कर दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री जोगी की वैनिटी वैन भी उनकी पत्नी ने ग्रुप को दान की
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी वैनिटी वैन पत्नी रेणु जोगी ने ग्रुप को दान कर दी है। इसी वैन में पूर्व मुख्यमंत्री जोगी यात्रा किया करते थे। अब वह वैनिटी वैन ग्रुप के पास एकर्न्स के रूप में काम कर रहा है। वर्तमान में इस समूह के पास दो मिनी एकरेंस और एक बड़ी एकारेंस है। इसके माध्यम से शिशु और रोगियों को बिलासपुर, रायपुर, मध्य प्रदेश या महाराष्ट्र और देश के अन्य स्थानों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

पेंड्रा का अस्पताल ब्लड मेडिसिन ग्रुप के मरीजों को लगातार मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है।  इमरजेंसी के लिए ग्रुप ने दो मोबाइल नंबर 9479119444 और 91315 25177 जारी किए हैं।

पेंड्रा का अस्पताल ब्लड मेडिसिन ग्रुप के मरीजों को लगातार मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इमरजेंसी के लिए ग्रुप ने दो मोबाइल नंबर 9479119444 और 91315 25177 जारी किए हैं।

गरियाबंद: किराए पर के बारे में नि: शुल्क शव वाहन उपलब्ध करा रहे युवा
गरियाबंद में 20 अप्रैल से पहले तक एक मात्र शव वाहन मुक्तांजली (डायल 119) से संचालित था। इससे जिला अस्पताल, कोविड अस्पताल के अलावा आसपास के ब्लॉक तक निर्भर थे। कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ा तो शव ले जाने के लिए प्राथमिक वाहन 50 किमी का 30 हजार तक वसूल रहा था। ऐसे में जिले के 7 युवा सन्नी मेमन, पालिकाध्यक्ष गफ्फार मेमन, अबिद ढेबर, मानपुर के नीरज हेमंत सांग, डॉ। हरीश चौहान और चंद्रभूषण चौहान आगे आए।

शिक्षक की मौत पर परिजनों को भटकते देखा तो शव वाहन की व्यवस्था की
जिले में 15 अप्रैल को मैनपुर के शिक्षक अजय ध्रुव की मौत हो गई। उनके परिजनों को शव वाहन के लिए भटकता देख इन युवाओं ने व्यवस्था की। ड्राइविंग पर मंगाया गया शव वाहन अब भी लोगों को मुफ्त सेवा दे रहा है। इसका पूरा खर्च ये युवा ही उठाते हैं। हालांकि जिले के देवभोग, छुरा और मैनपुर ब्लॉक के लिए 3 शव वाहन प्रशासन ने 23 अप्रैल को उपलब्ध करा दिया, पर उनके लिए चालक की व्यवस्था नहीं होने से उनका संचालन भी शुरू नहीं हो सका है।

अंतिम यात्रा में शव वाहन और मुक्तांजलि के ड्राइवर हरकू राम और गुलशन कुमार की उपस्थिति बन रही है।  दोनों 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

अंतिम यात्रा में शव वाहन और मुक्तांजलि के ड्राइवर हरकू राम और गुलशन कुमार की उपस्थिति बन रही हैं। दोनों 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शव वाहन और मुक्तांजलि के ड्राइवर 24 घंटे दे रही सेवा
अंतिम यात्रा में शव वाहन और मुक्तांजलि के ड्राइवर हरकू राम और गुलशन कुमार की उपस्थिति बन रही है। ईमानदार शवों को ले जाने में वह किसी हूर से कम नहीं हैं। हरकू राम 20 अप्रैल से अब तक 1000 किमी से ज्यादा का सफर तय कर चुके हैं। उन्होंने 10 से ज्यादा शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं मुक्तांजलि के गुलशन कुमार 7500 के मासिक वेतन पर 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। यह राशि कलेक्टर पास से बहुत कम है।

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