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लापरवाह प्रणाली से हारती जीवन: वैक्सीन लगवाने के 11 दिन बाद कोरोना से किसान की मौत, टीका लगाने वाली नर्स ने भी 6 दिन बाद दम तोड़ा

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जांजगीर का41 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर में वैक्सीन लगवाने के 8 दिन बाद किसान अस्थिर हो गए और उसकी मौत हो गई। वैक्सीनेशन करने वाली नर्स का भी पॉजिटव होने के कारण 6 दिन बाद निधन हो गया।

(*11*)कोरोना संक्रमण के बीच सिस्टम की लापरवाही से छत्तीसगढ़ में लोग और वैटर दोनों दम तोड़ रहे हैं। जांजगीर में वैक्सीनेशन के 11 दिन बाद कोरोना संक्रमण से एक किसान की मौत हो गई। इसके 6 दिन बाद ही वैक्सीन लगाने वाली नर्स ने भी दम तोड़ दिया। उसकी रिपोर्ट भी मृत्यु से 4 दिन पहले पॉजिटिव आई थी। किसान के परिजनों का दावा है कि नर्स पहले से पॉजिटिव था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इससे इनकार कर रहा है।

(*11*)स्थानीय निवासी चेतन प्रसाद तिवारी खेती-किसानी और पंडिताई का काम करते थे। उन्होंने 11 अप्रैल को बलौदा के ग्राम जर्वे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देवरहा पिसौद निवासी नर्स द्रोपदी तिवारी (61) से वैक्सीन लगवाई। इसके 5 दिन बाद 16 अप्रैल को चेतन को लिन आ गया। टेस्ट कराने पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तकलीफ बढ़ने पर बिलासपुर में आए। यहां 22 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।

(*11*)16 अप्रैल को नूर ने वैक्सीन लगवाई, 12 दिन बाद उसकी भी मौत हो गई
चेतन को वैक्सीन लगाने वाली नूर द्रोपदी तिवारी ने भी 16 अप्रैल को टीक लगवाया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। समस्या बढ़ने पर उन्होंने 24 अप्रैल को एंटीजन टेस्ट कराया, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्हें ECTC के बारे में, बिस्तर खाली नहीं होने के कारण भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें महुदा के को विभाजित कैर सेंटर भेज दिया गया। वहाँ से 28 अप्रैल को फिर ईसीटीसी भेजा गया, लेकिन मौत हो गई।

(*11*)परिजनों का आरोप – नर्स पोजिटिव था, उनसे ही चेतन स्वभाव हुआ
वहीं दूसरी ओर चेतन प्रसाद तिवारी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि नर्स पहले से पॉजिटिव था। उसके कारण ही चेतन भी स्वभाव वाले थे। चेतन के बेटे प्रियांश तिवारी ने सवाल उठाया है कि जो नर्सेक लगा रहा था, उसका पहले को विभाजित टेस्ट किया गया था। जिस दिन उनके पिता को वैक्सीन लगाई गई, उस दिन नर्सरी नहीं थी, इसका क्या भरोसा है। यह लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच के लिए टीम बनाने की मांग की है।

(*11*)अफसर बोले- स्वास्थ्य कर्मचारियों का हर 15 दिन में होता है कोविड टेस्ट
कोविड कैर सेंटर, महुदा के डॉ। रामायण सिंह का कहना है कि जब नर्स को अस्पताल लाया गया तो उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 40 था। हालत गंभीर थी। यह हो सकता है कि नर्स वैक्सीन लगाने के दौरान चेतन हो, या फिर रोगी के संपर्क में आने के बाद हुई हो। वहीं बलौदा के बीएमओ श्रीकेश गुप्ता कहते हैं कि हर 15 दिन में स्वास्थ्य कर्मचारियों का एंटीजन टेस्ट कराया जाता है। यह संभावना कम होती है कि ड्यूटी के दौरान वह पॉजिटिव हो।

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