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मुख्यमंत्री ने की वैक्सीन पर बात: छत्तीसगढ़ में कल से शुरू होगा 18 से 45 वर्ष तक के लोगों का टीकाकरण, टीके कम हैं इसलिए पहले सबसे गरीब लोगों को लगाया गया

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  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने टीका पर की बात; कहा कि 18 से 45 साल के बीच के लोगों का टीकाकरण कल से छत्तीसगढ़ में शुरू होगा, टीके कम हैं, इसलिए पहले सबसे गरीब लोग लगाए जाएंगे

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रायपुर11 मिनट पहले

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टीवी के जरिए प्रदेश की जनता को संबोधित किया। इसमें एक मई से शुरू होने वाले कोरोनाकैनीकरण के तीसरे चरण की घोषणा भी शामिल थी।

छत्तीसगढ़ में कोरोनाकैनीकरण का तीसरा चरण शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता को संबोधित किया। रात 9 बजे शुरू होने वाले संबोधन में मुख्यमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई और टीकाकरण की नई योजना पर बात की। उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने 18 से 44 वर्ष तक के सभी लोगों को फ्रीेक लगाने का फैसला किया है। एक मई से यह अभियान शुरू होगा। टीके की उपलब्धता कम है इसलिए अधिकांश गरीब लोगों को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के वैक्सिनेशन के लिए कोविक्सीन की 1 लाख 3 हजार 40 डोज मिलनी है। चूंकि वैक्सिन की कमी है इसलिए हम अपने राज्य में सबसे गरीब व्यक्ति को जिसके पास अन्योदय कार्ड है से वैक्सिनेशन की शुरुआत होगी। इसके लिए केवल अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड के बारे में टीकाकरण केंद्रों पर आना होगा। जैसे-जैसे हमें वैक्सिन मिलते हैं वैसे-वैसे हम क्रमशः सभी वर्गों के लोगों के वैक्सिनेशन की दिशा में आगे बढ़ते जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, टीकाकरण अभियान के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। 1 मई से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान के लिए हमने सभी जिलों में सभी तैयारियों को पूरी कर ली हैं। हमारे सभी टीकाकरण केंद्र पूरी तरह से तैयार है। 1 करोड़ 30 लाख लोगों को दो डोज लगाने के लिए सरकार को 800 करोड़ से अधिक खर्च करना होगा। इसके लिए हम तैयार हैं। दो कंपनियों को 50 लाख डोज वैक्सीन का आर्डर दिया जा चुका है।

पिछली लहर में बिना सुविधाओं के लड़कर जीते, यह लहर भी जीत जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले साल जब कोरोना की पहली लहर का हमला हुआ था तो हम सबने मिल जुल कर उसका सामना किया था। वह ऐसा समय था जब हम कोरोना के विषय में ज्यादा कुछ नहीं जानते थे। न हमारे पास इसके इलाज के लिए दवाएं थीं, न इंजेक्शन आये थे, न वैक्सीन विकसित हुई थी और इलाज का उपचारल भी अपनी प्राथमिक अवस्था में ही था। हालांकि सभी के सहयोग से सभी के भरोसे के साथ और सभी के योगदान के साथ हमने उस कठिन समय पर विजय हासिल की थी। आज एक बार फिर से कोरोना की दूसरी लहर का हम सामना कर रहे हैं। यह बहुत अधिक संवेदनशील और खतरनाक है। हमें पूरा विश्वास है कि हम सब मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मज़बूती से इस दूसरी लहर का भी सामना करेंगे और जीतेंगे।

विरासत में मिली व्यवस्था से तुलना भी की

मुख्यमंत्री ने कहा, 2018 में जब प्रदेश में हमें प्रचंड जनादेश मिला था उस समय प्रदेश में कुल 279 आईसीयू बिस्तर थे जिन्हें हमने उठकर 729 कर दिया है। आक्सीजन बिस्तर 1242 थे, हमने इसे बढ़ाकर 7042 तक पहुंचाया है। HDU बिस्तर एक भी नहीं था लेकिन आज हमारे पास 515 बिस्तर हैं। प्रदेश के अस्पतालों में 15001 सामान्य बिस्तर थे जिन्हें हमने बढ़ाकर 29667 कर दिया है। प्रदेश में 2018 के अंत में 204 वेंटीलेटर्स थे जिन्हें हमने बढ़ाकर 593 कर दिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में कई गुना की वृद्धि की है जो अपने आप में रिकॉर्ड है।

कोरोना से लड़ाई में फंड की कमी नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश में सरप्लस आक्सीजन उपलब्ध है। हमने कोरोना से इस लड़ाई में फंड्स की कमी नहीं होने देने का संकल्प किया है। हमने इन दो वर्षों में स्वास्थ्य बजट में 880 करोड़ रुपये, SDRF में इस वर्ष 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जनता ने बढ़ चढ़ कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में सहायता की है। इस कोष से हमने अभी तक 73 करोड़ 53 लाख रुपये जिलों को जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष में अभी भी 53 करोड़ 88 लाख रुपये जमा हैं, उनका उपयोग भी विभाजित की लड़ाई में किया जाएगा।

पिछली सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी का आरोप भी लगाया गया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, तत्कालीन सरकार के 15 वर्षों के शासन काल मे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं को कभी पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इन परिस्थितियों में कोरोना जैसी महामारी का सामना करना एक बड़ी चुनौती थी। हमने अब तक इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया है। हमने प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे और व्यवस्था में सुधार हेतु काफी काम किया है जिसके कारण ही कोरोना के प्रबंधन में हमारे राज्य की स्थिति अन्य राज्यो की तुलना में काफी बेहतर है।

अंडमान मांगा और हस्तक्षेप के उपायों पर जोर दिया गया

मुख्यमंत्री ने कहा, जो भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक योगदान करना चाहता है, वह मुख्यमंत्री सहायता कोष में अंशदान कर सकता है। यह पूरी की पूरी राशि सिर्फ और सिर्फ कोरोना के खिलाफ संघर्ष में ही व्यय की जा रही है। उन्होंने कहा, सभी लोग कोरोना से जुड़ी सभी सावधानियों का पालन करें, भीड़ से बचे, कपड़े पहने, हैंडसेट वाश और सेनिटाइजर का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार की अफवाह या नकारात्मक दुष्प्रचार से प्रभावित न हो।

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