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डीजीपी ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा: पीडी में इंस्पेक्टर के चार पदों पर भर्ती ही नहीं की गई, उन्हें साइबर क्राइम में बदलने की तैयारी है।

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रायपुर24 मिनट पहले

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  • डीजीपी ने प्रस्ताव भेजा, साइबर क्राइम के इंस्पेक्टर के पद स्वीकृत नहीं

गद्दी में इंस्पेक्टर के लिए स्वीकृत चार पदों पर अब तक भर्ती नहीं होने के कारण उन्हें इंस्पेक्टर साइबर क्राइम के रूप में संशोधित करने की तैयारी है। इसके लिए डीजीपी ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि अभी भी गृह विभाग की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती व पदोन्नति नियम में इंस्पेक्टर जेएबी, कार्ट्रोग्राफर और एससीआरबी के चार पद स्वीकृत हैं। इसके विपरीत इन पदों पर अब तक भर्ती नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, 2008 में एनएसडी के अंतर्गत ही साइबर क्राइम के तीन पदों पर सब इंस्पेक्टर की भर्ती की गई, लेकिन उनके लिए इंस्पेक्टर के पद नहीं बनाए गए।

यही कारण है कि दस साल से ज्यादा समय होने के बावजूद तीन सब इंस्पेक्टरों को प्रमोशन नहीं मिल गया है। इसे देखते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने गृह विभाग के एसीएस को इंस्पेक्टर जेएबी के दो और कार्ट्रोग्राफर व एससीआरबी के एक पद सहित चार पदों को इंस्पेक्टर साइबर क्राइम के पद संशोधित करने के लिए प्रस्ताव भेजा है।

प्रमुख सचिव और डीजीपी को अवमानना ​​नोटिस भी

दस साल बाद भी जब साइबर क्राइम के सब इंस्पेक्टरों को प्रमोशन नहीं मिला, तब उन्होंने विभागीय स्तर पर कोशिश की, लेकिन जब प्रमोशन का रास्ता नहीं बना तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में भर्ती नियमों में संशोधन कर 6 महीने के भीतर संशोधन करने का आदेश पारित किया था। इसके बाद भी जब प्रमोशन नहीं मिला, तब तक जनवरी 2020 में हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को अवमानना ​​नोटिस जारी किया था।

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