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गुंडागर्दी के चलते 3 सिपाही सस्पेंड: ड्यूटी के दौरान रिश्तेदार की सगाई में जाने की तलाश्त्टी पूछा, मनाया किया तो थानेदार को पीटा; युवक से गांजा नहीं मिला तो पैर तोड़ डाला

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जांजगीर का42 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर में सिपाही अब गुंडागर्दी पर उतारू हैं। आम आदमी के साथ उनके अफसर भी इसका शिकार बनने लगे हैं। ऐसे ही एक मामले में ड्यूटी के दौरान रिश्तेदार की सगाई में जाने के लिए छुट्टी मांग रहे कांस्टेबल को मनाया किया गया तो उसने अपने ही थानेदार की पिटाई कर दी। वहीं एक अन्य मामले में युवक के पास से गांजा बरामद नहीं होने पर दो सिपाहियों ने उसका पैर तोड़ डाला। वर्तमान में तीनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

दो घंटे की चुनने की माँग रही थी सिपाही, को विभाजित के कारण मनाया गया
जानकारी के मुताबिक, थाना मुलमुला के कांस्टेबल रामचरण ठाकुर की 29 अप्रैल को जांजगी-बिलासपुर रोड पर दर्रीघाट में चेकपोस्ट पर ड्यूटी लगी थी। इस दौरान वह थाना प्रभारी उमेश साहू से एक रिश्तेदार की सगाई में जाने के लिए 2 घंटे की तलाश की मांग कर रहा था। कोरोना संक्रमण के दौरान ड्यूटी के कारण थाना प्रभारी ने उसे बदलने्ह देने से मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।

गांजा की सूचना मिली, नहीं मिली तो युवक को जमकर पीटा
वहीं दूसरी ओर दो दिन पहले चांपा थाने के हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह परिहार और कांस्टेबल इश्वरी राठौर को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक युवक गांजा बेच रहा है। इस पर दोनों पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक रविशंकर पटवा को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से गांजा बरामद नहीं हुआ। पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप की तो उसने इनकार कर दिया। आरोप है कि इस पर दोनों ने सिपाहियों ने पीट-पीट कर रविशंकर का पैर ही तोड़ डाला।

एसडीओपी को जांच अधिकारी बनाया गया, 5 दिन में पूछी गई रिपोर्ट
मामले की शुद्धता को देखते हुए एसपी पारुल माथुर ने हेडकांस्टेल सहित दोनों सिपाहियों को भी सस्पेंड दिया गया।]इस दौरान उनकी ड्यूटी जांजगीर पुलिस लाइन में लगाई गई है। वहीं चांपा में युवक रविशंकर पटवा से मारपीट मामले की जांच एसडीओपी को सौंपी गई है। एसपी माथुर ने मामले की जांच पूरी कर 5 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इसी आधार पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मार्च में कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेजने की जगह छोड़ दी गई थी
इससे पहले भी सिपाहियों की करतूत सामने आ चुकी है। जांजगीर में ही मजिस्ट्रेट कोर्ट शांति भंग के आरोपी रमेश कुमार पटेल को जेल भेजने का आदेश दिया। उसके बारे में 6 मार्च को नैला चौकी में पदस्थ सिपाही सुनील सिंह और भूषण राठौर निकले, लेकिन उसे जेल दाखिल कराने की जगह छोड़ दी। इस मामले में भी दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर जांच कराई गई थी। सिपाहियों का कहना था कि वह आदेश नहीं समझ पाया।

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