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बढ़ेगी जांच की क्षमता: छत्तीसगढ़ में कल से शुरू होंगे दो नए आरटीपीआरसीएल, कांकेर और महासमुंद में रोजाना हो सकेगी 650 सैम्पल की जांच

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रायपुर20 मिनट पहले

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कोरोना की महामारी शुरू हुई तो छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई टाटा मौजूद नहीं थी। तब तक जांच के लिए आयोग को नेशनल वैयरोलॉजी सेंटर, पुणे भेजा जाता था।

छत्तीसगढ़ में कल से कोरोना की RTPCR जांच के लिए दो नई प्रयोगशालाएं शुरू हो जाएँगी। यह पैथोलॉजी प्रयोगशाला कांकेर और महासमुंद में शुरू होगा। शुक्रवार को सुबह 11 बजे स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. ये प्रयोगशालें वर्तमान में उन्हीं जिलों के सैम्पल जांचे जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया, शुरुआत में कांकेर की वैयरोलॉजी एमबीए की क्षमता 300 सैम्पल प्रतिदिन की होगी। वहीं महासमुंद में 350 सैम्पल प्रतिदिन जांचे जाएंगे। कुछ समय बाद इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। वर्तमान में इन दोनों प्रयोगशालाओं के शुरू हो जाने से प्रदेश में प्रतिदिन 650 सैम्पल जांच की क्षमता बढ़ जाएगी। अभी रोजाना हो रही 55 हजार से 59 हजार जांच में से 20 से 23 हजार सैम्पल की जांच आरटीपीआर से हो रही है। बताया गया, जापान की क्षमता बढ़ने के साथ आसपास के जिलों के सैंपलों की भी जांच की जा सकती है। ये दोनों बिलियन लोगों के संचालन में नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन के अधीन किए जाएंगे। दोनों अरबों में सेवाएं देने वाले रिलायंस प्रभारी, माइक्रो बॉयोलॉजिस्ट, सीनियर सांइटिस्ट, जूनियर साइंटिस्ट, रिलायंस टेक्नीशियन और रायपुर सहायकों को संबंधित मेडिकल कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

यहां RNA से की जाती है वैयरस की पहचान

अधिकारियों ने बताया, वायरोलॉजी एमबीए एक विशिष्ट प्रक्रिया से संचालित होती है। संभावित रोगी के सैम्पल के अनुप्रयोगोंिस के बाद आरएनए को बाहर निकाला जाता है। फिर इस RNA से RTPCR प्रक्रिया के माध्यम से वायरस की पहचान की जाती है। इसके लिए सूक्ष्म जीव विज्ञान में विशेष परीक्षण कर्मियों की जरूरत होती है।

प्रदेश में अभी भी इस तरह की प्रयोगशालाएं हैं

प्रदेश में RTPCR जांच में सक्षम सात प्रयोगशालाएं ही काम कर रही हैं। इसमें एक रायपुर एम्स में है। इसके अलावा रायपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, बिलपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा मौजूद है। राज्य सरकार ने सबसे पहले जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में RTPCR जांच की सुविधा दी थी। निजी क्षेत्र की पाँच पैथोलॉजी में भी RTPCR की सुविधा उपलब्ध है।

मई के दूसरे सप्ताह में कोरबा और कोरिया का जापान भी तैयार

प्रदेश में RTPCR जांच की संख्या बढ़ाने वाले स्वास्थ्य विभाग कोरबा, कोरिया, जशपुर, जांजगीर, दुर्ग, दंतेवाड़ा और बलौदा बाजार में भी वायरल उद्योग बना रहा है। इसका काम जारी है बताया जा रहा है कि कोरबा और कोरिया की प्रयोगशाला भी बनकर लगभग तैयार है। मई के दूसरे सप्ताह तक उनका भी सैद्धांतिक रूप दिया जाएगा। इनका काम भी कांकेर-महासमुंद के साथ ही शुरु हुआ था।

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