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कोरोना का कहर: पहली लहर- 11 महीने में हुई थी 39 चेतों की मौत, दूसरा आफत- अप्रैल के 29 दिन में 64 की जान चली गई

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जशपुरएक घंटा पहले

  • (*29*)कॉपी लिस्ट

(*29*)युवक की शव को कोविद अस्पताल स

(*11*)गुरुवार को शहर के कोविड अस्पताल में 4 मरीजों की मौत हो गई। ये मौतों के साथ जिले में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 100 पार कर गया है। सबसे अधिक मौतें अप्रैल के महीने में (*39*) है। अप्रैल के 29 दिन में 64 लोगों की माैत (*39*), वहीं पहली लहर के 11 महीने में सिर्फ 39 मौतें जिलेभर में (*39*)ं।

(*11*)अप्रैल का यह महीना हर तरफ डर अपनों को चुनने का प्रयास, आंसू व चीख पुकार से भरा रहा। जिले में कोरोना के संक्रमण व इससे (*39*) मौतों के पिछले आंकड़ों को देखें तो पहले दर्जे के मरीज 23 मई को सामने आया था। विजेताओं को तीन महीने में विभाजित होकर जिले में एक भी मौत नहीं (*39*) थी। जिले में कोविद से पहली मौत 21 अगस्त 20 को करबला रोड निवासी एक वृद्ध की (*39*) थी।

(*11*)अग के बाद हर महीने 3 से 4 मौतें होती रहेंगी। फरवरी के महीने में सिर्फ एक मौत को विभाजित से (*39*) थी। 31 मार्च तक की स्थिति में जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या सिर्फ 39 थी, अप्रैल महीने से शुरू होते ही संक्रमण की रफ्तार बढ़ी और कोरोना से मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। 29 दिन में (*39*) 64 मौतों में कई परिवारों का चिराग बुझ गया और कई परिवारों ने अपना मुखिया खो दिया। मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है। गुरुवार को कोविड अस्पताल में चार मरीजों की मौत (*39*) है।

(*11*)इसमें कांसाबेल का 24 वर्षीय एक युवक है, जो कोरोना से मरने वालों में सबसे कम उम्र का युवा है। जिले में कोरोना से सबसे अधिक संख्या में 60 से 70 आयुवर्ग के लोगों की मौतों की (*39*) है। 40 से 50 की उम्र वालों की संख्या दूसरे नंबर पर है। 20 से 30 साल के बीच के दो युवाओं, 30 से 40 की उम्र के बीच के 6 युवाओं की मौत भी कोरोना की वजह से (*39*)।

(*11*)मृत्यु की घटनाओं पर गौर करें तो कम उम्र के लोगों की मौत की सबसे बड़ी वजह इलाज में देरी या होम आइसोलेशन से अस्पताल लाने में देरी।) शहर के युवा भाजपा नेता की मौत ऑक्सीजन लेबल गिरने की वजह से (*39*) थी, जिसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पूर्व मेन रोड निवासी एक महिला की मौत की वजह अस्पताल लाने में देरी बनी रही। कांसाबेल में दो बुजुर्गों की मौत का कारण जबरन होम आइसोलेशन में बने रहें। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती नहीं (*39*) और गंभीर हालत होने पर अस्पताल को इसकी सूचना दी गई।

(*11*)डर और जिद से भी हो गया टाइपों की मौत

(*11*)कोरोना किस्म हो जा के डर से भी जिले में कुछ मौतें (*39*) है। तपकरा के 30 वर्षीय एक युवक की मौत डर से (*39*)। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद युवक जांच केंद्र में ही बेहोश होकर गिर पड़ा था। उसे अस्पताल ले जाया गया तब तक उसकी मौत हो गई। इसी तरह तपकरा में (*39*) एक और मौत में जिद मौत का कारण बना रहा। तपकरा के कैर सेंटर से एक मरीज को जशपुर शिफ्ट किया जा रहा था। मरीज एर्केन से चढ़कर उतर गया और कैर सेंटर में रहने की ही जिद पकड़ ली, जिससे मौत हो गई।

(*11*)हल्के में ना लैन, लक्षण दिखते ही जांच करते हैं

(*11*)कोरोना के सर्विलेंस ऑफिसर डॉ। आरएस पैकरा ने कहा कि कोरोना का नया स्ट्रेन बेहद घातक है। यह बिल्कुल भी हल्के में ना लिंग और स्वयं से दवा लेने की भूल ना करें। कोरोना का कोई भी लक्षण जैसे बदन दर्द, सिर भारी होना, कमजोरी महसूस होना, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी, बुखार जैसे लक्षण आने पर सबसे पहले कोरोना की जांच कराएँ। समय पर उपचार शुरू होने पर किसी भी उम्र के रोगी गंभीर स्थिति में जाने से बच जाएगा। थोड़ी जागरूकता से ये मौतों को रोका जा सकता है।

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