Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

दुर्ग में मानवता के दूत: पिछले एक महीने में 200 से अधिक रोगियों को ऑक्सीजन, 1000 से ज्यादा रोगियों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भिलाई18 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

दुर्ग-भिलाई में प्रवीण बुतरा कोरोना रोगियों को मुफ्त में एकारेंस और ऑक्सीजन कंसेटेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।]

दुर्ग जिले में कोरोना बेकाबू होता रहा है। ऐसे में मरीजों को न तो समय पर ऑक्सीजन मिल पा रहा है और न ही ए एर्केंस मिल पा रही है। ऐसे में सिस्टम से हरे मरीजों को संजीवनी देने का काम दुर्ग शहर के रहने वाले प्रवीण बुतड़ा कर रहे हैं। वह न केवल गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया करा रहे हैं, बल्कि मुक्त में एकर्न्स भी उपलब्ध करा रहे हैं। वे पिछले एक महीने में 200 से अधिक रोगियों को ऑक्सीजन और 1000 से ज्यादा रोगियों को सही समय पर अस्पताल पहुंच चुके हैं।

कहां से हुई शुरुआत
दुर्ग के रहने वाले प्रवीण बुतड़ा पहले शादी, पार्टी व अन्य समारोह के लिए टेंट की दुकान चलाते थे। लेकिन कोरोना ने अपने व्यापार को चौपट कर दिया, फिर वो आज कोरोना संक्रमण की चपेट में आए मरीजों के लिए सेवा कर रहे हैं। वे कोरोना रोगियों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं। प्रवीण बताते हैं कि इसकी शुरुआत पिछले साल कोरोना काल में बड़े भाई के मार्गदर्शन में की थी। उस दौरान 5 ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन और उसे मरीजों की सेवा में डाल दिया गया। इस बार कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार तेज हो गई है। मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में हमने 20 नए ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन को खोला और उसे मरीजों की सेवा में लगा दिया गया है।

ऑक्सीजन कन्सेट्रेटर मशीन को कोरोना रोगियों को मुक्त में उपलब्ध किए जा रहा है।

ऑक्सीजन कन्सेट्रेटर मशीन को कोरोना रोगियों को मुक्त में उपलब्ध किए जा रहा है।

कोरोना रोगियों के लिए एएरेंस की व्यवस्था
कोरोना रोगियों के लिए तीन एकरेंस भी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब ऑक्सीजन मशीन संचालित कर रहे थे। उसी दौरान पड़ोसी का फोन आया कि एकर्न्स की जरूरत है। फिर एतारेंस के लिए कॉल किया तो चंदलाल चंद्राकर को विभाजित कैर सेंटर ले जाने के लिए 4 हजार रुपए किराया मांगा। इसके बाद मैंने सोचा कि क्यों न रोगियों के लिए एकर्न्स की व्यवस्था की शुरुआत की जाए। फिर अपने दोस्तों के माध्यम से दो गाड़ियां मंगवाई और एक गाड़ी वाले से ली फिर तीनों गाड़ियों को एपरेंस बनाया।

अपना मिशन सेव महल
प्रवीण ने बताया कि पिछले साल ही वेडिंग कॉर्पोरेशन के नाम से नया ऑफिस ओपन किया गया था। लेकिन कोरोना काल की वजह से काम बंद हो गया है। ऐसे में हमने अपने कार्यालय का नाम बदल कर मिशन सेव दुर्ग रख दिया है। हमारे यहाँ 8 से 14 कर्मचारी काम करते हैं। सभी कर्मचारियों को इस काम में लगा दिया गया। उन्होंने बताया कि जब तक कोरोना रहेगा, तब तक इसी तरह काम करते रहेंगे। क्योंकि भले ही पैसा नहीं कमा रहा हो, लेकिन लोगों की दुआएं कमा रहे हैं। हमारे तीनों एकर्न्स दुर्ग-भिलाई के साथ ही रायपुर तक भी मरीजों को ले जाता है। सभी एकारेंस में जीपीएस सिस्टम लगा है। इस पूरे सिस्टम को संचालित करने में एक दिन में लगभग 20 हजार रुपए का खर्चा आता है। इस खर्चे को कुछ दोस्त मदद कर रहे हैं, नहीं तो अपने घर से ही खर्च कर रहे हैं।

दुर्ग-भिलाई में कोरोना रोगियों के लिए मुफ्त में एकर्न्स की सेवा मिशन सेव दुर्ग के माध्यम से की जा रही है।

दुर्ग-भिलाई में कोरोना रोगियों के लिए मुफ्त में एकर्न्स की सेवा मिशन सेव दुर्ग के माध्यम से की जा रही है।

रोज़ाना कर रही सेवा
ऑक्सीजन और एएरेन्स के लिए रोज़ाना दो से ढाई सौ लोगों के फोन आते हैं। इनमें से रोजाना तकरीबन 45 से 50 लोगों की ही मदद कर पाते हैं। क्योंकि इससे ज्यादा लोगों की मदद के लिए संसाधन नहीं है। इसके साथ ही रोजाना 200 से 250 लोगों की मदद एकरेंस के माध्यम से की जा रही है। वहाँ 40 से 50 लोगों की मदद ऑक्सीजन के माध्यम से की जाती है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: