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कोरोना का खतरा खत्म करेगा टीका: टीके की दूसरी डोज से जुड़ी अफवाहों के खिलाफ सामने आया विशेषज्ञ, सरकार और यूनीसेफ के विशेषज्ञों ने कहा-बयान होने की बात गलत है

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रायपुर2 घंटे पहले

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पिछले कुछ सप्ताह में प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन की बाढ़ कम हुई है। मंगलवार को तो केवल 27111 लोगों को टीका लग पाया।

कोरोनाकैनीकरण अभियान की खुराक कम होने के पीछे अफवाहों का हाथ होने का तथ्य सामने आने के बाद चिकित्सा विशेषज्ञ सक्रिय हो गए हैं। राज्य सरकार और संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने अफवाहों का खंडन किया है। विशेषज्ञों का कहना है, यह टीके से कोरोना संक्रमण होने की बात बिल्कुल गलत है।

रायपुर स्थित डाॅ। भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के क्रिटिकल कैर विशेषज्ञ डाॅ। ओपी सुंदरानी का कहना है, अभी तक फैला हुआ हुआ है और बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो जो हो चुके हैं लेकिन बिना लक्षण के हैं। ऐसे लोग भी वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा रहे हैं। यह केवल संयोग की बात है कि वैक्सीन लगने के बाद उनमे लक्षण आने लगे और जांच कराने पर पाटजीव होने वाले हैं। लेकिन वे वैक्सीन की दूसरी डोज से पातीजिव नहीं हुए बल्कि उसको लगवाने के 4-5 दिन पूर्व ही आश्रय हो चुके होंगे।उनमें लक्षण नहीं नजर आए।

कोरोना के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने आने में ही 4-5 दिन लगते हैं और इस बीच वैयाक्सीन लगवा ली तो ऐसा लगता है कि दूसरी डोज के बाद सकारात्मक हो गए जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यूनीसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ। श्रीधर ने कहा कि वैयाक्सीन की दोनो डोज लगाने के बाद सकारात्मक होने के मामले बहुत कम आए हैं। आईसीएमआर ने आंकड़े जारी किए कि कोवैक्सीन की दोनो डोज लगने के बाद केवल 0.04 प्रतिशत पॉजिटिव आया और कोवीशील्ड की दोनों डोज के बाद केवल 0.03 प्रतिशत पॉजिटिव आया जो कि नगण्य है। उसके मुकाबले ऐसे लोग अत्यधिक संख्या में चेतन हुए हैं, जिन्होंने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली।

100 प्रतिशत सुरक्षा नहीं, लेकिन साइरोन कम करेगा

दोनों विशेषज्ञों ने कहा, वैयाक्सीन कोरोना संक्रमण से 100 प्रतिशत सुरक्षा नहीं मिलती है। पहले ही बताया जा चुका है कि यह वैक्सीन 70 से 80 प्रतिशत प्रभावी है। वैक्सीन कोरोनावायरस को शरीर में प्रवेश करने से कोई रोक नहीं सकता, उसके लिए हमें कोरोना की रोकथाम के लिए बनाए नियमों का पालन ही करना होगा। यह ज़रूर होगा कि वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद संक्रमण होने पर स्थिति के गंभीर होने की संभावनाएं न्यूनतम हो जाती हैं।

वैक्सीन से मजबूत होता है प्रतिरक्षा प्रणाली

डॉ। ओपी सुंदरानी ने कहा, वैक्सीन की दोनो डोज से शरीर का इम्यून सिस्टम और मजबूत होता है। ऐसे में सभी लोगों को जिसने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज ली है उसके 6 से 8 सप्ताह बाद दूसरी डोज और कोविक्सीन की पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज अवश्य लेनी चाहिए। दूसरा डोज लगाने के 14 दिन बाद शरीर में एंटीबाडी बनती है और हमारा प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। फिर भी मुखौटे लगाना, भीड़ से बचना और हाथों को नियमित रूप से साबुन-पानी से धोना आवश्यक है।

अफवाहों ने कम की है वैक्सीनेशन की अप

पत्र अप्रैल में 3 लाख तक प्रतिदिन वैक्सीनेशन करने के बाद प्रदेश में कोरोना का टीकाकरण अभियान को हुआ है। पिछले पन्नों में रोज औसतन 60 हजार वैक्सीन लग रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोग पहले की तरह वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि इसके पीछे एक अफवाह है। लोगों को लग रहा है कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के बाद कोरोना का तेज संक्रमण हो रहा है। दैनिक भास्कर ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।

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