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मृत्यु के बाद ‘अहिंसा’ की मूर्ति: कांकेर में ग्रामीणों ने लगाई आईईडी विस्फोट में मारे गए नक्सली सोमजी की मूर्ति; IG बोले- हिंसा के खिलाफ सीखने देने वाली बनीगी पाठशाला के खिलाफ

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कांकेरएक मिनट पहले

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आईजी सुंदरराज पी। ने कहा कि स्थापित की गई सोमजी की मूर्ति क्षेत्र की जनता को हमेशा बाहरी नक्सली नेतृत्व की स्थानीय आदिवासी युवक और युवतियों के खिलाफ राची जा रही कागजों की याद दिलाएगी।

छत्तीसगढ़ में पहली बार एक नक्सली की मूर्ति लोगों को अहिंसा का संदेश देगी। कांकेर में IED लगाने के दौरान विस्फोट में मारे गए नक्सली सोमजी की मूर्ति को ग्रामीणों ने स्थापित किया है। खास बात यह है कि इसमें पुलिस की भी राजामंडी है। अफसरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मूर्ति को तोड़ा नहीं होगा। आईजी बट्ट सुंदरराज पी। ने कहा है कि यह नक्सलियों के नकारात्मक विचारों और हिंसा के खिलाफ सीखने देने वाली पाठशाला बनाएंगे।

दरअसल, आमाबेड़ा क्षेत्र के चुकापाल के पास जवानों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों की उत्तर बस्तर बाल्जन का सदस्य सोमजी उर्फ ​​सहदेव वेदड़ा 18 फरवरी को आईईडी लगा था। इसी दौरान विस्फोट हो गया और चपेट में आकर सोमजी के चीथड़े उड़ गए। इसके बाद उसके गृहग्राम के आनंद के छोटे बेठिया में परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी मूर्ति स्थापित कर दी। इसके बाद पुलिस से संपर्क कर मूर्ति नहीं तोड़ने की अपील की गई थी।

परिजन बोले- 14 साल की उम्र में नक्सली जबरदस्ती उठा ले गए थे
परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि सोमजी का नाम मनराम है। वर्ष 2004 में उत्तर बस्तर कव्जन के नक्सली कैडर सुजाता, ललिता और रामधीर 14 साल की उम्र में उसको जबरदस्ती उठा ले गए। आंध्रप्रदेश, तेलंगाना व महाराष्ट्र की बाहरी नक्सलियों की खेती में फंसकर मनीराम वेदड़ा को सोमजी बना दिया और अपने ही निर्दोष आदिवासियों की हत्या, आगजनी और तोड़फोड़ करने लगा। कई बार प्रस्थान की गुहार लगाई, पर नक्सली चंगुल में फंसा था।

आईजी ने कहा- फ्लैग नहीं होगा, आइडल करेंगे, यह नक्सलियों की साजिश का याद दिलाएगी
बस्तर आईजी सुंदरराज पी। ने कहा कि स्थापित की गई सोमजी की मूर्ति क्षेत्र की जनता को हमेशा बाहरी नक्सली नेतृत्व की स्थानीय आदिवासी युवक और युवतियों के खिलाफ राची जा रही कागजों की याद दिलाएगी। साथ ही हिंसात्मक विचारों के परिणाम दर्दनाक और दुखद होने का संदेश भी समाज को मिलेगा। बताया कि सोमजी की मूर्ति को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। उस स्थान को हिंसा के खिलाफ सीखने लेने की पाठशाला के रूप में प्रचारित किया जाएगा।

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