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नक्सलियों पर एयर स्ट्राइक का मामला: सुकमा और बीजापुर के हजारों ग्रामीण सड़क पर उतरे; कहा-इससे उनकी जान को खतरा, खुद को ड्रोन ने हमला कहा

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सुकमा21 मिनट पहले

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हाथों में डाक के लिए ग्रामीणों ने खुद को ड्रोन हमला पीड़ित को भी बताया। कहा कि इससे उनके साथ ही जंगल और वन्य जीवों की भी जान को खतरा है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एयर स्ट्राइक का दावा करने वाले नक्सलियों को अब कुछ जिलों के ग्रामीणों का भी समर्थन मिला। इसके विरोध में मंगलवार को सुकमा में स्थानीय और बीजापुर जिले के आदिवासी हजारों की संख्या में एकत्र हो गए। आदिवासियों ने इस तरह के हमले को रोकने की मांग की। कहा कि इससे उनके साथ ही जंगल और वन्य जीवों की भी जान को खतरा है। हाथों में डाक के लिए ग्रामीणों ने खुद को ड्रोन हमला पीड़ित को भी बताया।

डाक में ग्रामीणों ने हमला के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया।

डाक में ग्रामीणों ने हमले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया।

एक दिन पहले ही गांव में एकत्र होना शुरू हो गए थे ग्रामीण थे
किस्टाराम के बुर्कलंका गांव में विरोध के लिए ग्रामीण एक दिन पहले से ही एकत्र होने शुरू हो गए थे। उनका यह सिलसिला मंगलवार को भी जारी किया जा रहा है। हाथ में नारे लिखे पोस्टर के साथ हजारों की संख्या में पहुंचे आदिवासी केंद्र और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सरकार पर एयर स्ट्राइक करने और ड्रोन से हमला करने का आरोप लगाया। साथ ही इस तरह के हमले को रोकने की मांग की।

ग्रामीणों ने कहा कि ड्रोन हमले से जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ जंगल में रहने वाले अन्य जीवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा है।

ग्रामीणों ने कहा कि ड्रोन हमले से जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ जंगल में रहने वाले अन्य जीवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा है।

आदिवासियों ने कहा- इस तरह के हमले आने वाले पीढ़ियों के लिए
डाक में ग्रामीणों ने हमला के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया। कहा कि वे मछली पकड़ने तालाबों में जाते हैं, महुआ संग्रहण करने वाले जंगलों में जाते हैं। एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति से उनकी जान को भी खतरा है। ग्रामीणों ने कहा कि ड्रोन हमले से जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ जंगल में रहने वाले अन्य जीवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी पहुंचे थे।

नक्सलियों ने राष्ट्रपति नोट जारी किया।  इसके साथ एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान की फोटो भी दी गई।

नक्सलियों ने राष्ट्रपति नोट जारी किया। इसके साथ एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान की फोटो भी दी गई।

नक्सलियों ने पचा और फोटो जारी कर बीजापुर में किया था ड्रोन हमले का दावा
नक्सलियों की दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने राष्ट्रपति नोट जारी कर एयर स्ट्राइक का दावा किया है। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को हेलिकॉप्टर और ड्रोन से बम गिराए गए। हेलिक देखने वाले नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदल लिया और इस कारण से उन्हें नुकसान नहीं हुआ है। नक्सलियों के मुताबिक, यह हमला बीजापुर जिले के पालम क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में गया था।

फिर यह तस्वीर जारी कर नक्सलियों ने ड्रोन से बम गिराए जाने और IG बस्तर का दावा झूठा बताया।

फिर यह तस्वीर जारी कर नक्सलियों ने ड्रोन से बम गिराए जाने और IG बस्तर का दावा झूठा बताया।

आईजी बस्तर को चुनौती देने वाले प्रेषक की मांग रखी गई थी
पुलिस और सीआरपीएफ के इस हमले से इनकार करने पर नक्सलियों ने अगले दिन फिर पर्चा जारी कर IG बस्तर सुंदरराज पी। पर साधा को अर्पित करें। नक्सलियों ने IG के बयान को चुनौती दी है और दो ड्रोन मार गिराने का दावा किया था। इसका वीडियो भी जारी किया गया। नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की ओर से जारी पर्चे और ऑड में कहा था कि हम प्रमाण के साथ साबित कर देंगे। हम को दिखाने के लिए, हम दिखाएंगे कि ड्रोन हमला कहां हुआ है।

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