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जांच केंद्र कवर्धा में, डॉ। भिलाई में: प्राथमिक डायग्नोस्टिक सेंटर के कर्मचारी एचआरसीटी टेस्ट ई-मेल पर भेजते हैं, फिर बनती है रिपोर्ट; जांच के 1870 रुपए तय, ले रहे हैं 2100

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  • निदान केंद्र में कवर्धा प्रशासन का छापा | छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोविद 19 टेस्ट रेट से अधिक धनराशि लेने वाले निजी डायग्नोस्टिक सेंटर

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कुवर्था2 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जांच के तय रेट से ज्यादा वसूलने पर प्रशासन की टीम ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच शुरू की।

छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जांच के नाम पर लूट और गोलीबारी का धंधा भी जारी है। कवर्धा में एक ऐसा डायग्नोस्टिक सेंटर भी है, जहां जांच तो होती है, लेकिन डॉ। नहीं है मरीज की एचआरसीटी टेस्ट कर्मचारी भिलाई में बैठे डॉ को ई-मेल पर भेजते हैं। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करने वाले मरीज को दी जाती है। एक मरीज की शिकायत के बाद सोमवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केंद्र पर छापा मारा है।

सरकार के तय रेट से बहुत ज्यादा वसूल किया जा रहा डायग्नोस्टिक सेंटर
शहर के दर्रीवारा में BSR डायग्नोस्टिक सेंटर हैं। संक्रमण के कारण यहां HRCT (स्पिन स्केन) जांच कराने वाले मरीजों की भीड़ लगी रहती है। सरकार की ओर से इस जांच के लिए 1870 रुपए निर्धारित किए गए हैं। आरोप है कि डायग्नोस्टिक सेंटर में मरीज से 2100 रुपए लिए जा रहे हैं। कर्मचारी कहते हैं कि इसमें 230 रुपए स्केन फिल्म के हैं। वहीं, भिलाई से रिपोर्ट आने के कारण मरीजों को 5-5 घंटे इंतजार करना पड़ता है।

जांच हो रही कवर्धा में, लेटर ही पर पता बेहरनपुर का
मनमाने दाम की वसूली को लेकर मरीजों ने इस संबंध में प्रशासन से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर कवर्धा तहसीलदार मनीष वर्मा और स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा। इस दौरान पता चला कि जांच के बाद जिस लेटर हेड पर रिपोर्ट मरीजों को दी जा रही है, उसमें कवर्धा की जगह बेहरनपुर का पता लिखा है। यह भी टीम ने गलत माना है। हालांकि उनका कहना है कि केंद्र में तेजिशियन है और सेंट्रिलज सिस्टम है।

इसलिए करवाया जा रहा है एचआरसीटी टेस्ट
कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए रोगी की अलग-अलग तरह से जांच की जा रही है। इसमें एंटीजन, ट्रूनॉट और आरटी-पीसीआर भी शामिल हैं। अब ऐसे रोगी भी आ रहे हैं, जिनमें इन टेस्ट में निगेटिव होने के बावजूद संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में डॉ। इन रोगियों को एचआरसीटी उपलब्ध कराने की सलाह दे रहे हैं। इस कारण सरकारी अस्पतालों में भीड़ होने के कारण तमाम रोगी जांच कराने वाले प्राथमिक डायग्नोस्टिक सेंटर भी पहुंच रहे हैं।

जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी, कार्रवाई होगी
कवर्धा के तहसीलदार मनीष वर्मा ने बताया- शासन की ओर से निर्धारित रेट से ज्यादा राशि केंद्र ले रही थी। मौके पर मंत्रालय से जानकारी ली गई, तो पता चला कि 1870 रुपए में स्कैन फिल्म भी देनी है। जबकि मरीजों से 2100 रुपए लिए जा रहे थे। कवर्धा केंद्र में लोगों का जांच की जाती है, लेकिन रिपोर्ट दूसरे शहर के लेटर पैड में बनाकर देते थे, जो गलत है। यह बंद कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट कलेक्टर के पास भेज दी है। कार्रवाई की जाएगी।

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