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वैक्सीन के दाम पर बवाल: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने ‘केंद्र सरकार के सिस्टम’ पर लगाए लूट का आरोप, कहा- आपदा भी जनता झेले और आपदा से बचने का आर्थिक बोझ भी।

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  • वैक्सीन की कीमतों पर विवाद; छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने “केंद्र सरकार के सिस्टम” की लूट का आरोप लगाया, लोगों को आपदा का सामना करना पड़ा और अनंत आपदा से बचने का वित्तीय बोझ भी

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रायपुर29 मिनट पहले

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर केंद्र और राज्य के लिए वैक्सीन के अलग-अलग मूल्यों पर आपत्ति की थी।

देश के दूसरे कोरोना वैक्सीन उत्पादक भारत बायोटेक ने भी राज्य सरकारों और खुले बाजार के लिए वैक्सीन के मूल्य तय कर दिए।) इसका कहना है कि यह राज्य सरकारों को 600 रुपए और निजी अस्पतालों को 1200 रुपए प्रति डोज की दर से बेची जाएगी। अब इस कीमत को लेकर बवाल मच गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगा दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है, केंद्र सरकार को 150 रुपए में मिलने वाली को-वैक्सीन यदि आप प्राथमिक अस्पताल में लगवाएंगे तो आपको 1200 रुपए खर्च करने होंगे। आपदा भी सार्वजनिक ही झेले, आपदा से बचने का आर्थिक बोझ भी। मुख्यमंत्री ने लिखा, आपदा को अवसर में बदल कर अपनी ही जनता को लूटने वालों का सिस्टम ,केंद्र सरकार का ही है ना?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यों को भी उसी दर से वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग कर चुके हैं, जिस दर से वह केंद्र सरकार को मिल रही है। राज्य और केंद्र सरकार के लिए अलग-अलग मूल्य को उन्होंने गलत बताया था। सरकार वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर भी चिंतित है।

सीरम ने तय की है 400 और 600 रुपए प्रति डोज कीमत

सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड का मूल्य राज्यों के लिए 400 रुपए और खुले बाजार के लिए 600 रुपए प्रति डोज तय किया है। यह कंपनी केंद्र सरकार को 150 रुपए प्रति डोज में वैक्सीन उपलब्ध करा रही है। इसको लेकर राज्यों में भारी असंतोष दिख रहा है।

शायद को-वैक्सीन न खरीदे राज्य सरकार

सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर वैक्सीन के दाम कम नहीं होते तो शायद छत्तीसगढ़ सरकार को-वैक्सीन न खरीदे। बाजार में जो सबसे सस्ता और प्रभावशाली वैक्सीन होगा उसे खरीदने की कोशिश होगी। वर्तमान में कविविल्ड वैक्सीन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट को एक-दो दिन में 50 लाख का आर्डर जारी हो सकता है।

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