Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

आज विश्व मलेरिया दिवस: कोरोना जांच निगेटिव है तो मलेरिया टेस्ट भी कराएं क्योंकि बुखार, सर्दी, खांसी जैसे लक्षण हो सकते हैं

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बिलपुर6 घंटे पहले

  • कॉपी लिस्ट
  • 6 साल से जिले में मलेरिया से कोई मौत नहीं, डेढ़ साल से डेंगू से सुरक्षित

जिले में कोरोना संक्रमण के अलावा लोग वायरल इंफेक्शन की चपेट में भी आ रहे हैं। कई लोग उसे कोरोना समझकर उसकी जांच करने के केंद्र और अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुखार होने के बाद भी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इस समस्या से जूझ रहे पीड़ितों से दैनिक भास्कर ने बात की तो सच सामने आया।

ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें सप्ताहभर से बुखार और खांसी के साथ जुकाम की शिकायत है। कोरोना जांच निगेटिव होने के बाद वे इस बात से परेशान हैं कि आखिरकार उनके पास क्या है। लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दैनिक भास्कर ने विश्व मलेरिया दिवस पर डॉक्टरों से चर्चा की नई बात सामने निकलकर आई।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बुखार के मरीजों को कोरोना के साथ मलेरिया जांच कराने की भी सलाह दी। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों के बाहरी लक्षणों में तो समानता है ही इनमें प्लेटलेट्स भी तेजी से नीचे गिरती हैं। ऐसी स्थिति में मलेरिया की जांच जरूरी है।

पहले सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों को कोरोना जांच की सलाह दी जाती थी। लेकिन अब बदल रहे मौसम के बीच मलेरिया की संभावना भी प्रबल होती जा रही है। हर लिन कोरोना नहीं हो सकता इसकी वजह से कोरोना के साथ मलेरिया जांच की भी सलाह दी जा रही है।

कोरोना के साथ मलेरिया भी इतना ज्यादा

सीएमएचओ डॉ। प्रमोद महाजन ने बताया कि किसी मरीज को कोरोना के साथ मलेरिया हो जाता है तो मुश्किलें बढ़ जाएगी। जिले के कई लोगों को बुखार और बदन दर्द की समस्या भी है। कोरोना जांच में वे निगेटिव है लेकिन मलेरिया जांच नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बिना जांच के बुखार के मरीज परेशान भी हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल फीवर भी बढ़ रहा है। कोरोना जांच निगेटिव आ रही है तो मलेरिया जांच भी करा लें।

एक्सपर्ट की सलाह, सावधान होने की जरूरत

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ। अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि इस समय फू आने पर पहले कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। यदि उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो फिर कोरोना का ही इलाज किया जाता है। मलेरिया टेस्ट नहीं किया जाता हो सकता है कि उस व्यक्ति को मलेरिया भी हो। ऐसे में व्यक्ति में मल्टी फेलियर ऑर्गन हो जाते हैं जिससे समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मलेरिया की जांच कराती है तो मरीजों के लिए नहीं

मलेरिया सलाहकार कृष्णा कुमारी ने बताया जिले में पिछले सात वर्षों से मलेरिया के कारण एक मौत नहीं हुई है। मलेरिया के मरीज जरूर मिले, लेकिन समय पर इलाज से वो ठीक हो रहे हैं। कोरोना के कारण लोग मलेरिया की जांच नहीं कर रहे हैं। ऐसा हो सकता है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: