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रायपुर पहुंची रेमडेसिविर: कल पहुंचने वाली सबसे ज्यादा मांग वाली दवा के 20 हजार वॉयल थे, एक दिन देरी से 15 हजार वॉयल ही पहुंच पाएंगी

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  • रायपुर में रेमेड्सवियर पहुंचता है; कल, मोस्ट मेड मेडिसिन के 20 हजार शीशियों को पहुंचाया गया, एक दिन में केवल 15 हजार शीशियां ही पहुंची।

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रायपुर9 मिनट पहले

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राज्य सरकार ने 90 हजार वॉयल इंजेक्शन का नंबर दे रखा है। सरकार इस दवा को सीधे अस्पतालों को उपलब्ध करा रही है।

(*20*)कोरोना के इलाज में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की किल्लत से थोड़ी राहत मिल सकती है। आज रेमदेसीवीर इंजेक्शन के एक बड़े खेप रायपुर पहुंच गए। हालांकि निर्माता कंपनी ने एक दिन देरी से इस इंजेक्शन की आपूर्ति की है वह भी कम मात्रा में है।

(*20*)राज्य सरकार ने 16 अप्रैल को रेमडेसिवर इंजेक्शन के 90 हजार वॉयल का आर्डर दिया था। इसके तहत 30 हजार इंजेक्शन हर सप्ताह मिलने थे। योजना के तहत निर्माता कंपनी गुरुवार को 20 हजार इंजेक्शन की खेप भेजने वाली थी। लेकिन गुरुवार को वह खेप रायपुर नहीं पहुंची। एक दिन की देर के बाद इंडिगो की नियमित उड़ान से रेमदेसीवीर इंजेक्शन के 15 हजार वॉयल पहुंच गए। इन दवाओं को हवाई अड्ढडे से छत्तीसगढ़ मेडिकल निर्देशों को फसल के केंद्र में ले जाया गया है। इसकी गिनती और मिलान के बाद इन दवाओं का वितरण शुरू होगा।

(*20*)उत्पादक राज्यों से समस्या आ रही है

(*20*)उच्च पदस्थ अधिकारियों का कहना है कि रेमदेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति में उत्पादक राज्यों की ओर से कठिनाई आ रही है। उन्होंने दूसरे प्रदेशों में भेजने को लेकर एक सीमा तय कर रखी है। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेशों को जरूरत के मुताबिक आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। रेमडेसिविर का उत्पादन महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात में हो रहा है।

(*20*)मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से गाइडलाइन पूछी है

(*20*)मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रधानमंत्री के साथ वर्ग बैठक में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, जिस तरह से ऑक्सीजन उत्पादक राज्य अपनी जरूरत के बाद का अतिरिक्त आक्सीजन प्राथमिकता से दूसरे राज्यों को उपलब्ध करा रहे हैं। उसी तरह रेडमेशिवीर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादक राज्य की प्राथमिकता से वे दूसरे राज्यों को भी उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की जानी चाहिए।

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