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छत्तीसगढ़ में रेमडेसिविर पर पहरा: उत्पादक कंपनी के स्टॉकिस्टों के यहां औषधि निरीक्षकों की ड्यूटी, अस्पतालों को रोगी को लगे इंजेक्शन की खाली वॉयल भी रखने का निर्देश है।

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  • छत्तीसगढ़ में देखने पर उपचार; कंपनी के स्टॉकिस्ट के उत्पादन में ड्रग इंस्पेक्टरों की ड्यूटी, मरीजों के लिए रेमेडिसविर इंजेक्शन के खाली वॉयस रखने के लिए अस्पतालों को निर्देशित करना

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रायपुरएक घंटा पहले

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कोरोना का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों में इस इंजेक्शन की भारी मांग है। मांग इतनी है कि कंपनियों की आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं। इसकी वजह से कालाश्वरी चरम पर है।

देश भर में रेमडेसिवीर इंजेक्शन के लिए मचे हाहकार के बीच छत्तीसगढ़ ने इंजेक्शन पर सख्त पहरा बिठाना शुरू किया है। सभी जिलों में तैनात औषधि निरीक्षकों को रेमडेसिवर के स्टॉकिस्टों के यहाँ तैनात किया जा रहा है। वहीं निजी अस्पतालों को कहा गया है, रोगी को इंजेक्शन लगाने के बाद खाली वायल को भी रोगी के वा के साथ संभाल कर रखा जाना चाहिए।

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विभिन्न जिलों में तैनात औषधि निरीक्षकों में से 7 की ड्यूटी रायपुर में रेमडेसिवर इंजेक्शन के स्टाकिस्टों (थोक व्यापारी) के यहां लगा दी है। इनको स्टैकस्ट के यहाँ दिन भर में आई रेमडेसिवर के स्टाक और बिक्री पर नजर रखनी है। रोज शाम 5 बजे एक निर्धारित प्रारूप में संबंधित स्टॉकिस्ट के यहां रेमडेसिवर के कारोबार का पूरा विवरण खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाना है।

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कोरोना का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों और नोडल अधिकारियों को भी एक पत्र जारी किया है। इसमें रेमदेसीवीर इंजेक्शन की खरीदी-बिक्री संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखने को कहा गया है। दवा नियंत्रक ने कहा है कि मरीजों को सूचीबद्ध किए गए इंजेक्शन की खाली वॉयल को भी रोगी के नाम के साथ सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

अफसर भी अपडेट करेंगे दस्तावेज
एक अन्य आदेश से सहायक औषधि विक्रेताओं और औषधि निरीक्षकों को स्टॉकिस्ट और अस्पताल आदि में रेमडेसिवर की बिक्री-बिक्री की जानकारी के बारे में जानकारी अपडेट रखने को कहा गया है। इसके अनुसार, कंपनी से स्टॉकिस्ट और स्टॉकिस्ट से अस्पताल को बेचे गये इंजेक्शन की जानकारी रखनी है।

काला बाजारी रोकने की कवायद
अफसरों ने बताया कि यह पूरी कवायद कालाबाजारी रोकने के लिए है। कई आंकड़ों में सामने आया है कि अस्पतालों से दवा चुराकर बेची जा रही है। कुछ दुकानों से मिलने की जानकारी आई है। सरकार ने रेमदेसीवीर दवा केवल अस्पतालों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ऐसे में एक-एक इंजेक्शन का हिसाब रखकर कालाबाजारी को रोका जा सकेगा।

सीएमएचओ ने कल दी थी चेतावनी
रायपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। मीरा बघेल ने गुरुवार को ही निजी अस्पतालों को पत्र लिखा था। इसमें भी रेमदेसीवीर इंजेक्शन का पूरा हिसाब रखने को कहा गया था। उन्होंने निजी अस्पतालों से इंजेक्शन को बाहर से मंगाने के लिए लिखी जा रही पर्ची पर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर इस तरह की शिकायत आई तो उनकी मान्यता रद्द हो सकती है।

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