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छत्तीसगढ़ में रेमडेसिविर पर टकराव: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने खरीदी में लगाये भ्रष्टाचार के आरोप, जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में महाराष्ट्र के सूरत का भी हिसाब रख दिया।

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  • छत्तीसगढ़ में रेमेडिसवीर का टकराव; भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भ्रष्टाचार के आरोपों में किया भ्रष्टाचार, जवाब में स्वास्थ्य मंत्री भी गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में खरीद पर नजर

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रायपुर3 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ में 15 हजार वॉयल रेमडेसिवर की खेप आज ही पहुंची है। सरकार ने 90 हजार वॉयल का आर्डर दिया हुआ है।

कोरोना से मचे कोहराम के बीच राजनीति तेज है। छत्तीसगढ़ में यह राजनीति रेमडेसिवर इंजेक्शन को लेकर हो रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इंजेक्शनेन के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये। उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार की ओर से इसी दवा की प्राप्ति का पूरा हिसाब सामने रखा है।

भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया के जरिये यह आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बैंगलुरु की जिस कंपनी माइलॉन क्रीमिकल से जो रेमदेसीविर इंजेक्शन 1400 और 12 प्रतिशत जीएटी प्रति यूनिट की दर से खरीदा है। महाराष्ट्र सरकार ने उसी कंपनी से 22 मार्च को 595 रुपये और 12 प्रतिशत जीएसटी की पास से खरीदी की है। चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ ने 90 हजार यूनिट इंजेक्शन खरीदने का नंबर दिया है। इस मान से किपर 12.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह महाराष्ट्र के कामकाज से 7.24 करोड़ रूपए अधिक है। चंद्राकर ने लिखा, कांग्रेस के लिए आपदा भी अवसर है? असम चुनाव से कुछ कनेक्शन है?

उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुजरात, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में इसी दवा की प्राप्ति के आंकड़े सामने रखे हैं। इन राज्यों ने भी 1568 रुपये में रेमडेसिवर का क्रय किया है। उन्होंने कहा कि जब दवा उपलब्ध नहीं हुई तो राज्यों ने महंगे दाम पर भी इस दवा को खरीदने का फैसला लिया होगा। सिंहदेव ने कहा, इन दरों की समीक्षा करके प्रतिकूल परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह आदेश दिया गया है। जब पूरे देश में 1400 में ही यह दवा उपलब्ध हो रही है, तब छत्तीसगढ़वासियों के अनुकरणोश को देखते हुए हमनें इसी दर में खरीदने का फैसला किया।

केंद्र सरकार का पत्र दो ने कहा कि 3400 रुपये मूल्य तय है

टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार का एक पत्र दिखाया है। उन्होंने कहा, इस पत्र के मुताबिक राज्य सरकार ने कहा है कि माईलेन केमिकल कंपनी से दवाई है, उसके लिए प्रति यूनिट दवा की कीमत 3400 रुपये निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने तब इस दवा को 1400 रुपये की दर से खरीदा था। इसके बाद भी गलतबयानी या आरोप के जरिये भ्रम फैलाने की जो कोशिश की जा रही है।

सिपला से अनुबंध था, कंपनी आपूर्ति नहीं कर पाई थी

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, 22 मार्च को महाराष्ट्र सरकार ने 595 रुपये की दर से रेमदेसीविर की स्थापना की। छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 अप्रैल को 1400 रुपये में रेमदेसिविर इसलिए हासिल किया है क्योंकि बाजार में उसकी कीमत बढ़ गई है।]छत्तीसगढ़ सरकार ने सिपला कंपनी के साथ अनुबंध किया था। कंपनी उसे पूरा करने से पीछे हट गई। प्रदेश में रेमडेसिवीर की अत्यंत आवश्यकता थी। इसकी वजह से सरकार ने इमरजेंसी टेंडर बुलाया था।

भाजपा पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया गया

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, पहले ऐसा महसूस हुआ था कि सकारात्मक सुझाव मिल रहे हैं। साथ मिलकर कार्य हो रहा है। अब ऐसा लगता है कि भाजपा के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि दुष्प्रचार में संलग्न हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है जैसे सोची-समझी किसी रणनीति के तहत गलत तथ्यों को प्रस्तुत करके वे छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को कमतर बताने का प्रयास कर रहे हैं।

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