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लॉकडाउन में लौटे थे पांच लाख से ज्यादा मजदूर: मजदूरों के सवाल फिर लॉकडाउन तो नहीं लगेगा; सवा लाख फिर चले गए, कंट्रोल रूम में हर दिन दर्जनों कॉलोनी

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रायपुर3 घंटे पहले

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देशभर में जब लॉकडाउन लगा था, तब लगभग साढ़े पांच लाख मजदूर छत्तीसगढ़ लौटे थे। जैसे ही हालात ठीक हुए तो डेढ़ लाख के आसपास मजदूर फिर से उन्हीं राज्यों में कमाने-खाने के लिए चले गए। अब जब कोरोना संक्रमण की स्थिति बढ़ती जा रही है और अलग-अलग राज्य अपने स्तर पर शहरों को लॉकडाउन करने लगी है, तब मजदूरों को घर लौटने की चिंता हो रही है।

मजदूर और उनके परिजन अब कंट्रोल रूम में यह अंतर कर रहे हैं कि फिर से देशभर में लॉकडाउन तो नहीं दिखेगा। दूसरे राज्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के भी अलग-अलग शहरों से हस्तक्षेप की जा रही है, जिससे समय रहते वे अपने परिजनों को बुला सकते हैं। हालांकि फिर अफरातफरी की स्थिति न बनी, इसलिए राज्य सरकार की ओर से भी श्रम विभाग का 24 घंटे चलने वाला कंट्राेल रूम स्थापित किया गया है। श्रम विभाग के साथ-साथ पंचायत विभाग को भी मजदूरों के आने-जाने पर निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे लौटने से लेकर क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था की जा सकती है। इस संबंध में दूसरे राज्यों के हालात की भी जानकारी ली जा रही है, जिससे वहां मजदूरों में किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति बनी। इस संबंध में दूसरे राज्य के अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है।

इन राज्यों में कमाने-खाने वाले जाते हैं
छत्तीसगढ़ के लोग पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र से लेकर अरूणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, राजस्थान, रिजर्वेशन, तमिलनाडु, त्रिपुरा , उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, दादर नगर हवेली दमन दीव, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, लद्दाख, चंडीगढ़ और अंडमान निकोबार तक मजदूरी के लिए जाते हैं। ज्यादातर मजदूर बारिश के बाद निकल जाते हैं। इनमें से कुछ त्योहार के दौरान आते हैं, जबकि ज्यादातर बारिश से पहले लौट आते हैं। हालांकि कई राज्यों के मजदूर यहां भी काम करते हैं। पिछले साल काफी संख्या में लोगों के लिए राज्य सरकार की ओर से नाश्ता व भोजन की व्यवस्था की गई थी।

जितने लाएग गए थे, उससे ज्यादा लौटे थे लॉकडाउन के दौरान अपने राज्य में
पिछले साल कोरोना के बाद लॉकडाउन की स्थिति बनी, तब पांच लाख 45 हजार 206 लोग छत्तीसगढ़ लौटे थे। श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 में चार लाख 35 हजार 192 लोग खाने के लिए इन 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गए थे। इस लिहाज से एक लाख दस हजार 14 लोग ऐसे थे, जो लंबे समय से दूसरे राज्यों में काम कर रहे थे, लेकिन जब महामारी की वजह से देशभर में काम बंद हो गया, तो अपने-अपने घर लौट आए। हालात सामान्य हाेने के बाद एक लाख 42 हजार 212 लोग फिर से कमाने-खाने चले गए। हालांकि इस बार सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दादर नगर हवेली, दमन दीव, लक्षद्वीप, लद्दाख और चंडीगढ़ जाने वाले नहीं हैं।

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