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कोरोना पर हाईकोर्ट की सख्ती: अस्पताल में बेड नहीं हैं तो ट्रेन में बने आइसोलेशन कोच क्यों शुरु नहीं हुए? आरटी-पीसीआर टेस्ट क्यों बंद? 24 घंटे में सरकार से मांगा जवाब

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बिलपुर5 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण अब बेकाबू होता रहा है। मरीजों को अब आवश्यक दवाएं, अस्पताल में बिस्तर और ऑक्सीजन की किल्लत होने लगी है। स्थिति बिगड़ती देख बिलासपुर हाईकोर्ट में व्यवस्था दुरुस्त करने में कुछ सुझाव पेश किए गए। इन पर अब हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि रेलवे के 100 से ज्यादा पैमाने पर कोच का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है? बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में RT-PCR टेस्ट क्या बंद कर दिया गया है?

ट्रेन के आइसोलेशन कोच शुरू किए जाने और टेस्ट के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को जवाब देने को कहा है। हालांकि, ट्रेन में बने कोविड आइसोलेशन सेंटर को लेकर रेलवे के अधिकारी ये कहते हैं कि नर्सिंग स्टाफ न होने की वजह से ये पुनरारंभ नहीं किया जा सका है। हाईकोर्ट ने रेलवे, केंद्र सरकार और राज्य सरकार को बैठक कर कल तक जवाब पेश करने का आदेश जारी किया है।

यह पूरा मामला है(*24*)
कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं और अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए ट्रेन की आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल कोरोनाटेन्स के इलाज के लिए करने का सुझाव वकील पलाश तिवारी ने हाईकोर्ट में पेश किया। वकील ने अपने आवेदन में कहा कि रेलवे के पास 100 से अधिक आइसोलेशन कोच वाले हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोनाटेन्स के लिए किया गया है।

एसी की समस्या(*24*)
रेलवे की तरफ से मौजूद वकील ने कोर्ट को बताया कि हमारे पास आइसोलेशन कोच जरूर हैं, लेकिन नर्सिंग स्टाफ नहीं। जिन रेलवे कोच को आइसोलेशन के लिए तैयार किया गया है उनमें एयरलाइन की व्यवस्था नहीं है ऐसे में गर्मी के बीच मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पूरे मामले को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की कवजनेट ने सभी पक्षों को आज बैठक कर कल शुक्रवार को जवाब देने कहा है।

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