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20 लाख रुपए के इनामी नक्सली का सरेंडर: आंध्र प्रदेश में मुत्तनगढ़ी जालंधर रेड्डी ने हथियारों के साथ, 10 साल पहले मलकानगिरी कलेक्टर को किया था अगवा

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जगदलपुर27 मिनट पहले

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आंध्र प्रदेश पुलिस के सामने 20 लाख रुपए के इनामी नक्सली मुत्तनगढ़ी जालंधर रेड्डी ने सरेंडर किया।

नक्सल मोर्चे पर मंगलवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आंध्र प्रदेश-ओडिशा बार्डर पर सक्रिय नक्सली जोनल कमेटी के सदस्य और एमकेबी के बलजेन से सचिवारी मुत्ततनगढ़ी जालंधर रेड्डी उर्फ ​​कृष्णा ने सरेंडर कर दिया। उन्होंने खुद को आंध्र प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया है। मुत्तनगढ़ी जालंधर रेड्डी पर 20 लाख रुपये का इनाम था। उससे योग्यता में कई महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है।

तेलंगाना में सीद्दीप जिले के मीरूदोदी मंडल के भूमपल्ली निवासी मुत्तनगारी जालंधर रेड्डी को कृष्णा उर्फ ​​मारणा उर्फ ​​करुणा उर्फ ​​सरथ जैसे कई नामों से जाना जाता है। सरेंडर के दौरान वह AOBSZC (आंध्र ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी) का विशेष जोनल कमेटी सदस्य था। बताया जा रहा है कि छात्र जीवन के दौरान ही उसकी प्रवृत्ति नक्सली संगठन की ओर से हुई और 1998 में उसने रेडिकल स्टूडेंट यूनियन यूनियन बिन की की।

इसलिए जघन्य वारदातों को अंजाम दिया कि नक्सली संगठन में लगातार प्रमोट हुआ
मुत्तानागरी जालंधर रेड्डी के बारे में बताया जा रहा है कि वह काफी कुख्यात थी। उसने लगातार इतना जघन्य वारदातें की हैं, कि नक्सली संगठन में उसे प्रमोट किया जा रहा है। फरवरी 2011 में मलकानगिरी कलेक्टर विनिल कृष्णा के अपहरण में उनकी मुख्य भूमिका रही। दक्षिण तेलंगाना की स्पेशल नक्सली गोरिल्ला यूनिट में रहा। उसकी गतिविधियों को देखते हुए प्रमोट कर AOBSZC का जोनज सदस्य बनाया गया।

कई एंबुश लगाए गए, 19 मुठभेड़ में शामिल होने, 7 हत्याएं भी की
इसके अलावा कृष्णा ने फोर्स और कुन्नूर व भास्कर जिले के कई पुलिस थानों पर हमले किए। वर्ष 2008 में बेलीमाला एंबुश के दौरान उसका नेतृत्व किया। इसमें 5 अन्य अम्बुश में भी शामिल हैं। जवानों के साथ हुई अलग-अलग 17 मुठभेड़ में शामिल रहा। इस दौरान आंध्र ओडिशा बॉर्डर एओबीएसजेडसी में 7 लोगों की हत्याएं भी हुईं। ऐसे ही 2004 में कोरापुट जिला मुख्यालय में पुलिस शस्त्रागार में लूट की।

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