Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

भास्कर की खबर पर लगी मुहर: दुर्ग स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे से मांगे संक्षेपण कोच, सीएमएचओ ने डीआरएम रायपुर को लिखा पत्र,

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भिलाई11 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

दुर्ग सीएमएचओ ने रायपुर डीआरएम को पत्र लिखकर रेलवे के आइसोलेशन कोच देने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोरोना को लेकर हाहकार मचा हैं। स्थिति यह है कि अस्पतालों में रोगी भर्ती करने के लिए बिस्तर नहीं हैं। रेलवे प्रशासन के पास मरोदा वार्ड में 50 बोगियां में 400 आइसोलेशन बेड मौजूद है। इस खबर को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद अब दुर्ग सीएमएचओ ने डीआरएम को पत्र लिखा है। पत्र में लिखकर आसोलेशन कोच को देने की मांग की है। तर्क दिया गया है कि वर्तमान में रेलवे विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी जिले में निवासरत है। उनके परिवार व अन्य लोगो के बेहतर को विभाजित उपचार के लिए ऑक्सीजन बेड, रेलवे पैरामेडिकल स्टाफ के साथ आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मरोदा रेलवे वार्ड में पिछले लगभग एक साल से आइसोलेशन ट्रेन के डिब्बे खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे हैं। रायपुर और बिलासपुर कवजन के अंतर्गत 105 डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया था, जिसमें मनोदा वार्ड में 50 कार्ट में 400 बिस्तर बनाए गए थे। इनको बनाने में तकरीबन दो लाख रुपए प्रति कोच खर्च किए गए थे। वास्तव में 400 बिस्तर तो हैं, लेकिन न तो डाक्टर हैं न पैरामेडिकल स्टाफ है। ऐसे और कोच बिलासपुर में भी खड़े हैं। इसके अलावा 56 कोच बिलासपुर, उमरिया व कलमीतार में खड़े हैं। रेलवे राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रही है पर सरकार ने इसका उपयोग करने का आदेश ही जारी नहीं किया है।

निजी अस्पतालों से छुटकारा मिलेगा

जिले में निजी अस्पताल को विभाजित मरीजों से मोटी रकम ऐठने में लगे हैं। कोरोनायन ऑक्सीजन बेड और अलग से कमरे को लेकर रोगी परेशान हो रहा है। अगर ये 400 बेड का इस्तेमाल किया जाता है, तो आम लोगो को काफी राहत मिलेगी। ऐसे समय के लिए ही रेलवे प्रशासन ने इन आइसोलेशन कोचों को बनाया था, कि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

रेलवे प्रशासन के सामने समस्या

आइसोलेशन कार्ट को लेकर रायपुर रेलवे डिवीजन के पीआरओ शिव पानसाद ने पहले ही बताया था कि हमारे सभी डिब्बे मरोदा वार्ड में खड़े हैं। जिसमें सभी सुविधाएं हैं, जो कोरोना रोगी को दी जा सकती है। लेकिन इनको संचालित करने के लिए पैरामेडिकल स्टाफ और डाक्टरों की जरूरत होगी। वह हमारे पास नहीं है।

आसंजन स्लॉट का हो सकता है बेहतर इस्तेमाल किया

छत्तीसगढ़ में कोरोनावैरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचा कर रखा है। कोरोना रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस समय रेलवे के आइसोलेशन स्लॉट का इस्तेमाल राज्य सरकार कर सकती है। रायपुर के बाद सबसे ज्यादा कोरोना को लेकर हालात दुर्ग जिले में खराब है। इन डिब्बों को कोरोना मरीजों के इलाज करने के काम में लाया जा सकता है। अब फैसला करना राज्य सरकार के हाथ में है, वह किस तरह से आइसोलेशन डिब्बो का इस्तेमाल करती है।

दुर्ग प्रशासन ने पहले भी की थी पहल

जिला कलेक्टर डा 0 सर्वेश्वर नरेन्द्रure ने पहले बताया था कि यह रेलवे की प्रॉपर्टी है। हमने अपनी तरफ से स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दे दी है। रेलवे के पास आइसोलेशन के डिब्बे खाली हैं। अभी तक हमें कुछ भी निर्देश राज्य शासन की तरफ से नहीं मिले हैं। और एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे के आइसोलेटेट कार्ट को बेहतर करने के लिए मरीजों के इलाज के लिए मांग की है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: