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छूट गए रेमडेसिवीर के गुनहगार: भिलाई में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और उसके सहयोगी को सस्ता में छोड़ दिया, कलेक्टर ने कहा- अभी तक कार्रवाई जारी है

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भिलाई3 घंटे पहले

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पुलिस हिरासत में डॉ और उसके साथी कुलेश्वर। भिलाई में 16 अप्रैल को भूत सुपेला से रेमदेसीविर की कालाबाजारी करते दो आरोपियों को पकड़ा गया।

छत्तीसगढ़ के भिलाई में सुपेला पुलिस ने 16 अप्रैल को रेमदेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले डॉ। पीयूष शुक्ला और उनके सहयोगी कुलेश्वर पटेल को पकड़ा था। लेकिन पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करके दोनों को छोड़ दिया है। जबकि कलेक्टर दुर्ग ने रेमदेसीवीर की कालाबाजारी करने वाले को सीधे जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।

पूरा मामला क्या है

भिलाई में 16 अप्रैल को भूत सुपेला इलाके में निजी औटो मोबाइल कंपनी के दफ्तर के सामने ड्रग विभाग ने डॉ और उसके सहयोगी को महंगे दाम में रेमदेसीवीर इंजेक्शन को खरीदा था। पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद आरोपियों को थाने ले जा चुके हैं। जहां से अब उन दोनों को छोड़ दिया गया। जहाँ रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर पूरे देश में कार्रवाई हो रही है, वहीं दुर्ग जिले में ऐसे ही एक मामले में आरोपी को जेल भेजने के बजाय प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर छोड़ दिया गया।

ड्रग विभाग ने बताया

जिले के ड्रग विभाग के असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बीआर साहू ने बताया कि डाक्टर और उनके साथी के द्वारा इंजेक्शन की कालाबाजारी की सूचना मिली थी। जिसके बाद प्लानिंग के तहत दोनों को पकड़ा गया। दोनों ने 4800 मूल्य के इंजेक्शन का सौदा 13000 में किया था। दोनों के पास से 52000 कीमत के इंजेक्शन बच गए। लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया है। आगे विभाग कार्रवाई कर रहा है।

थाना प्रभारी ने कहा, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की

रेमडेसिवीर इंजेक्शन के मामले पर जब सुपेला थाने के प्रभारी एसआई लल्लन सिंह से दैनिक भास्कर ने पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई हुई। तो पहले वह नाराज हो गए। कहने लगे कि बार-बार इसके बारे में क्यों पूछ रहे हो। फिर बड़े ही तल्खी भरे अंदाज में कार्रवाई के बारे में बताया। उनका कहना है कि मैंने तो कार्रवाई कर दी है। क्या कार्रवाई की गई हैं? तब फिर से बताया कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

ड्रग कंट्रोलर ने बताया कि दोनों ने 4800 कीमत के इंजेक्शन का सौदा 13000 में किया था।  दोनों के पास से 52000 कीमत के इंजेक्शन रखे गए थे।

ड्रग कंट्रोलर ने बताया कि दोनों ने 4800 कीमत के इंजेक्शन का सौदा 13000 में किया था। दोनों के पास से 52000 कीमत के इंजेक्शन रखे गए थे।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

दुर्ग के एडवोकेट राजकुमार तिवारी के मुताबिक इन दिनों इंजेक्शन के नाम पर जमकर फर्जी क्राफ्ट की खबरें सामने आ रही है। इस कारण से सबसे पहले इंजेक्शन की जांच करना जरूरी था। रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले को छोड़ना पूरी तरह गलत है। आवश्यक वस्तु अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती थी।

अब क्या कहते हैं कलेक्टर

दुर्ग कलेक्टर डॉ। सर्वेश्वर नरेन्द्रure ने बड़े ही कड़क अंदाज में पिछले सप्ताह ही निर्देश दिए थे कि रेमदेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले को सीधी जेल भेजा जाएगा। लेकिन सुपेला में पकड़े गए दोनो आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इस पूरे मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने कलेक्टर दुर्ग से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि अभी तक कार्रवाई खत्म नहीं हुई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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