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हालात को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई चिंता: मरीज 1.30 लाख और बिस्तर सिर्फ 21455, 11 हजार बिस्तर तुरंत बढ़ाने की जरूरत है

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रायपुर26 मिनट पहले

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  • हर अस्पताल में वेंटिलेटर, आईसीयू और आक्सीजन बेड फुल, फिर भी आक्सीजन बेड 6634, 13 हजार करने की तैयारी

प्रदेश में सक्रिय केस यानी कोरोना के वर्तमान में रोगी 1.30 लाख से ज्यादा है, जो अस्पताल और होम आइसोलेशन में हैं। अगर सभी को अस्पताल में बिस्तर की जरूरत हो तो उनके लिए बिस्तर की उपलब्धता केवल 21455 ही है। इन सरकारी कोरोना अस्पतालों में 4950, कोरोना कैर सेंटरों में 9667 और निजी अस्पतालों में 6838 बिस्तर हैं।

सरकारी व निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन बिस्तर, आईसीयू, एचडीयू व वेंटीलेटर फुल है। इधर, गंभीर यानी सांस में तकलीफ वाले रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। जानकारों का मानना ​​है कि होम आइसोलेशन वाले भी लगभग 25 प्रति रोगियों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो सकती है। इस लिहाज से अब भी 32500 बिस्तर की जरूरत है, यानी 11 हजार से ज्यादा बिस्तर तुरंत चाहिए। अभी तक 11 हजार से ज्यादा बेड की कमी है और इसमें ऑक्सीजन बेड, एचडीयू, आईसीयू व वेंटीलेटर बेड भी शामिल हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में काे भी बिस्तर खाली नहीं है। कोरोना कैर सेंटरों में जरूर बिना ऑक्सीजन वाले बिस्तर खाली है। प्रदेश में आक्सीजन बिस्तर सहित आईसीयू, एचडीयू व आईसीयू बिस्तर के साथ वेंटीलेटर बढ़ाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना संसाधन, डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ बढ़ाए बिना मरीजों का बेहतर इलाज संभव नहीं है। सरकार ने गुरुवार को निजी अस्पतालों में 50 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व करने को कहा है। इससे ज़रूर कुछ बिस्तर बढ़ जाएगा, लेकिन यह भी नक़ी साबित हो सकता है। गुरुवार की स्थिति में प्रदेश में पॉजिट रेटिंग रेट 28.54 प्रति है। यानी हर 100 जांच में 3 लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं। यह भिवह स्थिति है। पॉजिट इंडिया के मामले में छत्तीसगढ़ का स्थान देश में पहला है। आने वाले 15 दिनों में नए टाइपों की संख्या कुछ खास कम होने की संभावना नहीं है।

ऐसे में बिस्तर व आवश्यक संसाधन बढ़ाने के अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं है। सबसे बड़ी जरूरत ऑक्सीजन बेड की है। ये बेड राजधानी सहित दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव व कोरबा में बढ़े जा सकते हैं, जहां सबसे ज्यादा मरीज हैं। चूंकि राजधानी में रेफरल केस ज्यादा आते हैं और मरीज गंभीर होते हैं इसलिए आईसीयू में बेड के साथ वेंटीलेटर बढ़ाने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार ज्यादातर मरीजों की मौत ऑक्सीजन के बिना हो रही है। वेंटीलेटर भी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि गंभीर रोगियों को लाइफ सेविंग मशीन में इलाज किया जा सके। ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ाने से ज्यादातर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

आक्सीजन बिस्तर उठना: सिंहदेव
प्रदेश में ऑक्सीजन बिस्तर 11 हजार तक होगा। आवश्यक संसाधन भी जुटा रहे हैं। रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रकरण कार्रवाई की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद हर सप्ताह 30 हजार इंजेक्शन मिलेंगे।
-टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री

लक्षण दिखते ही जांचकर्ता: डॉ। दत्त
अभी तक सबसे बड़ी जरूरत ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की है। इस दिशा में काम शुरू भी कर दिया गया है। लोग लक्षण दिखते ही कोरोना जांच करवाए तो वे गंभीर नहीं होंगे। इसलिए कोरोना के मामले में अब एहतियात और सतर्कता बेहद जरूरी है।
-डॉ। विष्णु दत्त, डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज

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