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सेलेब्रिटी चाय वाले की मौत: ट्विनसिटी को बनारसी चाय का स्वाद पाने वाले कोरोना से हार गए जंग, बीएम शाह अस्पताल में ली अंतिम सांस

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भिलाई13 घंटे पहले

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भिलाई के दुबे टी-स्टॉल वाले 45 साल के कमला प्रसाद दुबे कोरोना से जंग हार गए।

छत्तीसगढ़ के भिलाई में सिविक केंद्र में दुबे टी-स्टॉल के संचालक कमला शंकर दुबे कोरोना से जंग हार गए। शुक्रवार सुबह उन्होंने बीएम शाह अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले 10-15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। इसकी शुरुआत डायरी से हुई। इसके बाद लिन व अन्य लक्षण सामने आए। उन्हें चाय वाला सेलिब्रिटी कहा जाता था। उनके टी-स्टॉल पर मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर यूथ चाय पीने आते थे।

कहा जाता है कि दुबे ने ट्विनसिटी भिलाई को बनारसी चाय का मीठा स्वाद दिया। हर शाम उनके टी-स्टॉल पर लोगों की भीड़ लगती थी। उनके सबसे करीबी और शुरुआत से उनके पड़ोसी रहे उपाध्याय पान केंद्र के संचालक वीएन उपाध्याय कहते हैं कि अब मुझे ओके बॉस, य बॉस कौन कहेगा? 1991 में मेरे पिताजी स्व। आर्ध्या उपाध्याय कमला शंकर दुबे को अपने साथ लेकर बनारस से आए थे। कमला मेरे हनुमान थे। हर समय साथ दिया। हर मुश्किल दौर में खड़े रहना। शुरुआत में कमला ने काफी संघर्ष किया है। व्यवहार अनुकूल इतना गजब था कि कोई भी उनकी दुकान में आता है तो फिर जरूर आता है।

भिलाई सिविक सेंटर में दुबे टी-स्टॉल जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है।

भिलाई सिविक सेंटर में दुबे टी-स्टॉल जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है।

आखिर क्यों खास थे झूठ

प्रदेश के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय भी दुबे जी को अच्छी तरह से जानते थे। उन्होंने बताया कि एक तरह से मुझे दुबे जी की चाय की आदत हो गई थी। नब्बे के दशक के दौरान ही वे उनकी बनाई चाय पिया करते थे। मैं अकसर उनकी चाय की दुकान में कुछ देर बैठकर समय बिताता था। छोटी शुरुआत के साथ तरक्की करने की सीख उन्हें ली जा सकती है।

भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव बताते हैं कि वहां उठने-बैठने के कारण मैंने NSUI को जाना। लगभग 11 साल पहले NSUI का जिला अध्यक्ष बनने के बाद मैंने पहली बैठक उनकी चाय स्टॉल पर ही ली थी। मैं अंतिम समय तक उनके संपर्क में बना रहा। यूथ से उनका अलग ही क्रेज था। चाय का शौकीन भिलाई का शायद ही कोई ऐसा युवा होगा, जो स्कूल या कॉलेज के दौरान एक बार इनकी बनाई चाय न सी हो।

भिलाई के चाय के कई शौकीन लोगो ने बताया कि पंडितजी की चाय का स्वाद लेने वाला दुर्ग, भिलाई के अलावा रायपुर और राजनांदगांव से भी लोग आते थे। भिलाई में चाय का ट्रेंड पंडितजी ने ही बदला था। सभी ने पंडितजी को श्रद्धांजलि दी है।

आईपीएस शशिमोहन सिंह के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी कुछ भूमिका निभाई थी।

आईपीएस शशिमोहन सिंह के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी कुछ भूमिका निभाई थी।

दुबे जी का टी- स्टॉल का सफर

सिविक सेंटर के दुबे टी- स्टॉल में लगभग 20 साल से दूध सप्लाई कर रहे बी। श्रीनिवास ने बताया कि वर्ष 1992 को इस टी स्टॉल की शुरुआत कमला प्रसाद दुबे ने केवल 2 लीटर दूध की चाय बनाकर की। 20 साल से मैं उन्हें दूध सप्लाई कर रहा हूं। आम दिनों में 400 लीटर दूध तक की खपत उनकी दुकान में होती थी।

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