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लाल आतंक का काला चेहरा: दंतेवाड़ा में IED के चपेट में आने से ग्रामीण की मौत, SP बोले- नक्सली अब ग्रामीणों पर भी नहीं कर रही निर्भरता

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दंतेवाड़ाएक घंटा पहले

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बस्तर के जंगलों में जमीन के भीतर IED छिपाकर नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए रहे हैं। कई बार ग्रामीणों की भी जान चली जाती है। -प्रतिकारक फोटो

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों की कायराना हरकत जारी है। माओवादियों ने दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण थाना के तेलम गांव में IED प्लांट कर रखा था, जिसके चपेट में आने से हिड़मा माड़वी नाम के ग्रामीण की मौके पर मौत हो गई। शुक्रवार को ही सीएएफ और डीआरजी जवानों की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों की सूचना पर टेटम और आपकपाल के बीच से 5 किलो का आईईडी बरामद किया था। तेलम गाँव भी टेटम के पास ही है।

मृतक ग्रामीण तेलम का ही रहने वाला है। आशंका है कि नक्सलियों ने इस IED को भी सुरक्षबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाया था। इस घटना में जो महत्वपूर्ण और चिंता करने वाली बात ये निकलकर सामने आई है, वे ये है कि इस बार नक्सलियों ने ग्रामीणों को सूचना नहीं दी थी कि उन्होंने IED कहां प्लांट किया है। इसकी वजह से ही ग्रामीण इस विवेक के चपेट में आ गए।

इस संबंध में एसपी ने कहा है कि नक्सली पूरी तरह से बौखला गए हैं। इससे पहले ग्रामीणों को सूचना होती थी कि नक्सली कहां पर IED प्लांट कर रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने ग्रामीणों को नहीं बताया। ग्रामीणों का पुलिस पर भरोसा उठाना है, जिसकी वजह से वे अब ग्रामीणों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

निशाने पर सुरक्षाबल थे

इसके पहले नक्सली लगातार IED प्लांट कर रहे हैं, लेकिन हर बार उनके निशाने पर युवा होते थे। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों को ग्रामीणों पर शक है कि वे पुलिस को मदद पहुंचा रहे हैं, क्योंकि टेटम और तुमकपाल के बीच से आईईडी बरामद करने में ग्रामीणों का योगदान रहा था।

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