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नाले में रोज बहना पड़ रहा है 1100 लीटर दूध: खपत कम हुई तो 300 परिवार के सामने आया संकट, कीमत में भी प्रति लीटर 13 रुपए की कमी

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बालोद9 घंटे पहले

बालोद में दूध की खपत नहीं होने के कारण नालों में बहाया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण समस्या आ रही है।

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लॉकडाउन के कारण सब बंद हैं। जिसके बाद बालोद मुख्यालय में संचालित होने वाली दूध गंगा सहकारी समिति को भी बंद कर दिया गया है। इसे केवल सुबह और शाम को दो-दो घंटे खोलने की अनुमति मिली है। यहां से 300 पशुपालक परिवार का गुजरा होता है। प्रति दिन यहां 1300 से 1500 लीटर दूध बेचकर पशुपालक अपना परिवार चलाते हैं। अब लेकिन खपत नहीं होने के कारण प्रति दिन 1100 लीटर दूध को नाले में बहाना पड़ रहा है।

समिति के सामने बड़ी मुश्किलें

जिले में दूध गंगा संचालित करने वाली समिति के सामने बड़ी चुनौती है। अगर पशुपालकों से दूध नहीं लिया जाएगा तो पशुपालकों कि जिंदगी का गुजारा करने में काफी परेशानी आएगी। और लेने के बावजूद खपत नहीं होने से समिति परेशान हैं। समिति ने निर्णय लिया है कि 21 अप्रैल से दूध का मूल्य भास्कर 24 रुपए पशुपालकों को दिया जाएगा। जबकि अभी भी दूध का पूरा मूल्य प्रति लीटर के हिसाब से 37 रुपए भुगतान किया जा रहा है।

भाजपा सरकार ने 2018 में बनाया था संस्था

बालोद में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह ने 5 जून 2018 को उद्घाटन किया था। यहां दूध से बने कई तरह के उत्पादों की बिक्री होती है। इस दूध गंगा को डेवलपर करने के लिए शासन ने 65 लाख की मशीनें लगाई है। 30 लाख का प्लांट निर्माण किया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जिसे दूध के व्यवसाय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया था।

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