Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

जानलेवा है कोरोना का नया तनाव: हमारी और सरकार दोनों की लापरवाही ले रही है जान, बीते तीन महीने में ही छत्तीसगढ़ के 2029 लोगों की जान चली गई

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुर5 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

पिछले वर्ष के 9-10 महीनों की तुलना में 2021 के तीन महीने भारी पड़ रहे हैं। रोज औसतन 15 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में बिस्तर नहीं है। बिस्तर है तो ऑक्सीजन और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। मौतों की संख्या रोज नए रिकॉर्ड बना रही है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना का नया तनाव कहर बरपा रहा है। पिछले सप्ताह से हर दिन 100 से अधिक लोग कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। इसकी भावलीहता का अंदज आप इससे लगा सकते हैं कि 16 जनवरी से 16 अप्रैल तक एक महीने में ही प्रदेश के 2029 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछली बार कोरोना की वजह से पहली मौत मई में दर्ज की गई। दिसंबर 2020 तक के आठ महीनों में लगभग 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि हमारी और सरकार की लापरवाही जान ले रही है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की प्रत्येक 10 लाख की आबादी में 17978 लोग रहने वाले हैं। पिछले एक सप्ताह में संक्रमण की रफ्तार तीन प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। लेकिन सबसे ज्यादा चिंताजनक तस्वीर मौतों को लेकर आ रही है। प्रदेश भर में अब तक 5580 लोग कोरोना की वजह से मारे गए हैं। डॉ। भीमराव आंबेडकर मेडिकल कॉलेज के क्रिटिकल कैर विशेषज्ञ डॉ। OP सुंदरानी का कहना है, “कोरोना का नया तनाव अधिक घातक है। बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है। अस्पतालों में जगह नहीं बची है। पहले 100 में से 10 लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। होते थे। उनमें से मुश्किल से एक-दो लोगाें की मौत होती थी। अब गंभीर बीमारों की संख्या 20 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। ऐसे में दो गुनी संख्या में मौत भी हो रही है। इसके बावजूद लोग लापरवाही कर रहे हैं। के बावजूद समय पर जांच नहीं करा रहे हैं। होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। परिणाम यह हो रहा है कि गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर उन्हें अस्पताल में बिस्तर ढूंढने में समय लग रहा है। ऐसे में मौत की आशंका है। बढ़ रही है। ” बताया जा रहा है कि मरीजों की संख्या के आगे सरकार की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।

तीन महीने में कैसे बिगड़े हालात

तीन महीने पहले 16 जनवरी को प्रदेश में मौतों का कुल आंकड़ा 3551 था। एक महीने बाद 16 फरवरी को यह आंकड़ा 3783 तक पहुंच गया। फरवरी और मार्च सुधार के महीने थे 16 मार्च तक नंबर 3909 तक पहुंची। यानी जनवरी-फरवरी के मुकाबले कम जान गई। लेकिन 16 अप्रैल तक यही संख्या 5580 हो चुकी है। यानी इस बीच 2029 लोग केवल कोरोना की वजह से मारे गए।

होली के बाद तेजी से बिगड़े हालात

इस साल 28 जनवरी को वह पहला दिन था जब एक साथ 35 मौतें रिपोर्ट हुईं। उसके पहले और बाद में भी संख्या इकाई में ही बने रहे। फरवरी में एक दिन में सबसे ज्यादा मौत 10 फरवरी को हुई। लेकिन यह भी केवल 9 था। 20 मार्च के बाद का आंकड़ा 10-11 मौत प्रतिदिन का हो गया। 29 मार्च को होली थी। 31 मार्च को 39 मौत के साथ संक्रमण दर में वृद्धि का भयावह आंकड़ा सामने आया। 10 अप्रैल को पहली बार मौतों की संख्या 100 को पार कर गई। उस दिन 123 मौतें दर्ज हुईं। एक दिन में अब तक की सबसे अधिक मौत 13 अप्रैल को दर्ज हुई। उस दिन 156 मौतें दर्ज की गई थीं।

मार्च में भिन्नाना गया था कोरोना का नया तनाव

छत्तीसगढ़ में कोरोना का नया तनाव मार्च महीने में पहचान लिया गया था। वैज्ञानिकों ने इस वेरिएंट को N-440 नाम दिया है। हालांकि उस समय उसके प्रभाव के बारे में ज्यादा पता नहीं था। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान था कि हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। अब उसकी भविहता सामने आने लगी है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: