Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

कोविड सेंटर में घटिया खाना: मरीजों को बासी खाना खाने वाला प्रशासन, वीडियो वायरल हुआ तो अफसर बोले- कोरोना की वजह टेस्ट नहीं आ रहा होगा, सब ठीक है

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

गरियाया हुआ21 मिनट पहले

तस्वीर गरियाबंद के कोविड सेंटर की है। कोरोना झेल रहे लोगों को यही खाना दिया जा रहा है।

गरियाबंद जिले के पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाए गए कोविड कैर सेंटर में गुरुवार को हंगामा हो गया। सोशल मीडिया पर मरीजों ने एक वीडियो भी वायरल कर दिया। यहां वे दावा करते हैं कि वे बासी भोजन दिए जा रहे हैं। मरीज खाने के पैकेट खोलकर दिखा रहे हैं, जिसमें वो चावल और दाल को घटिया क्वालिटी का बता रहे हैं। जबकि कोरोनायनों को पौष्टिक भोजन देने की जरूरत होती है। प्रशासन ने मरीजों के घटिया खाने के दावे को खारिज किया है। अब भाजपा भी सरकार पर हमलावर हो गई है और जिले के कलेक्टर को हटाने की मांग कर रही है।

टेंडर हुआ निरस्त
जब जिला कोविड कैर सेंटर में मरीजों ने फिर हंगामा कर दिया। बता दें कि इसी अस्पताल में इलाज करने वाले लोगों ने 13 अप्रैल को भी हंगामा किया था। जिसके बाद से ही खाद्य सप्लाई करने वाले वेंडर का टेंडर निरस्त कर दूसरी एजेंसी को काम दिया गया। इसके बाद भी मरीजों का आरोप है कि गुरुवार को भी खाना उन्हें बासी दिया गया है।

कलेक्टर को हटा दिया गया
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने असम के नेताओं को बस्तर में दावत देने के मामले को जोड़कर कहा कि एक तरफ सरकार बकरा-भात की पार्टी कर रही है। दूसरी ओर कोरोना मरीज इस तरह परेशान हो रहे हैं। ये केवल गरियाबंद का नहीं, बल्कि राजिम और बालोद में भी इस तरह की समस्या है। एक दिन में टेंडर निरस्त भी कर दिया गया और दूसरे दिन टेंडर दे भी दिया गया। इस मामले में जांच होनी चाहिए और कलेक्टर को भी हटा देना चाहिए।

राजनीति कर रही भाजपा
कांग्रेस प्रवक्ता ने धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि संकट के समय में भाजपा को भी लोगों की मदद करनी चाहिए, लेकिन बीजेपी सिर्फ राजनीति कर रही है। ठाकुर ने कहा कि खाने की शिकायत पूरी तरह से सही नहीं है। कहीं इस तरह की समस्या आती है तो प्रशासन उसे तुरंत दुरुस्त करता है।

अफसरों का जवाब भी गजब
इधर जिला खाद्य एवं औषधीय अधिकारी तरुण बिरला जो को विभाजित कैर अस्पताल में भोजन के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रही है, उनका कहना है कि भोजन बासी नहीं है, ठंडा भले ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे गुरुवार को सुबह से ही कोविड केंद्र की मैस में मौजूद थे और अपनी आंखों के सामने खाने को बनवा रहे हैं। इसलिए वे दावा के साथ कह सकते हैं कि भोजन बासी नहीं है। तरुण बिरला का कहना है कि इस बीमारी में मरीजों के खाने का टेस्ट बदल जाता है। इसलिए कई बार मरीजों का खाना अच्छा नहीं लगता है। कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने इस मामले की जांच करने को कहा है।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: