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एक विवाह ऐसा भी: जीवनभर के साथ निभाने अभी यह जरूरी- टाटीकसा गांव में आई ऐसी बारात जिसमें दूल्हे के साथ सिर्फ 3 बाराती, बिना बैंड-बाजा और दहेज के मंदिर में 7 फेरे लिए

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कुवर्था7 मिनट पहले

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कुवर्था। सहसपुर लोहारा ब्लॉक के टाटीकसा में मंत्रोच्चार के बीच वर-वधू ने मंदिर में के लिए सीनियर थे।

  • दारगाँव का दूल्हा, शादी में वर-वधू पक्ष से परिवार के कुल 10 लोग ही शामिल हुए

कोरोनावायरस भले ही वैश्विक आपदा हो, लेकिन इससे समाज में फिजूलखर्ची पर रोक लगी है। शादी समारोह का स्वरूप बदल गया है, तो लोग सामाजिक दूरी बनाते हुए भी एक- दूसरे का पहले से ज्यादा फिक्र कर रहे हैं। ताजा मामला सहसपुर लोहारा ब्लॉक के ग्राम टाटीकसा में देखने को मिला, जहां शुक्रवार एक दूल्हा महज 3 बाराती के बारे में शादी रचाने के लिए पहुंचा।

बिना बैंड- बाजा और दान दहेज के पूरे रीति- रिवाज के साथ मंदिर में दूल्हा- दुल्हन ने 7 सात लोगों के लिए किया है। शादी में भी वधू पक्ष से महज 8- 10 लोग ही शामिल हुए। विवाह की रस्मों के दौरान मंदिर के भीतर सिर्फ दूल्हा- दुल्हन और पुजारी मौजूद थे। परिवार के शेष सदस्य मंदिर के बाहर बैठे थे। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पूरे रस्में पूरी की गई। सादगीपूर्वक इस विवाद की पूरे गांव में सराहना हो रही है। लोगों ने कहा कि यह अनुकरणीय पहल है। यह सब उनका है।

3 महीने पहले तय हुआ था रिश्ता, वही मुहूर्त में शादी
दूल्हा खेतलाल साहू सहसपुर लोहारा ब्लॉक के ग्राम दारगाँव का रहने वाला है। उसकी शादी 3 महीने पहले तटीकसा गांव के रहने वाले काँता साहू की बेटी सीमा से तय हुई थी। जब रिश्ता तय हुआ, तब कोरोना संक्रमण का उतना प्रकोप नहीं था। होली पर्व के बाद संक्रमण तेजी से बढ़ा। पहले से शादी की तारीख तय होने के कारण उसी मुहूर्त में शादी हुई।

रिश्तेदारों को निमंत्रण कार्ड भी बांटा नहीं
कोरोना के कारण शादी में सिर्फ 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जा रही है। लेकिन दूल्हा खेतलाल साहू संक्रमण काल ​​में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। इसलिए शादी में शामिल होने के लिए किसी भी रिश्तेदार को आमंत्रण कार्ड नहीं बंटे हुए। तीन लोगों को साथ लेकर शादी रचाने अपने ससुराल पहुंच गए। पूरी रस्में फिर से शुरू हो गई हैं।

1881 आवेदन जमा, इनमें से 1230 को दी गई अनुमति
कोरोना को देखते हुए प्रशासन ने शादी के लिए अनुमति अनिवार्य कर दी है। अनुमति के लिए आवेदन तहसील कार्यालय में सीएससी व लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ऑफ़लाइन किया जा रहा है। अब तक जिले के सभी तहसील कार्यालय में 1881 आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से 1230 को अनुमति भी दे दी गई है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

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