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समूह का भंडाफोड़: सोने की चोरी करने वाला समूह फूटा कानपुर की जेल से लाए गए 3 चोर

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रायपुर12 मिनट पहले

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  • बंगाल में सोने की खरीद वाला व्यवसाय भी गिरफ्तार, 8 लाख का गोल्ड मिलेगा

सदरसरार में कारीगरों को बेशोश कर सोना चोरी करने वाला पं। बंगाल मुद्राओं का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने कानपुर जेल से 3 लोगों को गिरफ्तार करके लाया है। आरोपियों से चोरी का सोना खरीदने वाले व्यवसाय को भी गिरफ्तार किया गया है। व्यवसाय के घर से 8 लाख का 165 ग्राम सोना रखा गया है। आरोपियों का एक साथी पहले ही पकड़ा जा चुका है, जो रायपुर जेल में बंद हैं।

टीआई मोहसिन खान ने बताया कि पं। बंगाल भरतपुर का राजेश अली (29), शेख राजू उर्फ ​​महबूब हसन (40) और हसन जाना (32) तीनों चोरी के मामले में कानपुर जेल में बंद थे। तीनों को 5 दिन पहले रायपुर लाया गया है। उन्होंने इंटर में बताया कि चोरी का सोना बंगाल में रहने वाल उमाकांत शंकर कदम को बेचा गया था। उसके बाद एक टीम बंगाल भेजी गई। वहां छापा मारकर सराफा कारोबारी उमाकांत को गिरफ्तार किया गया। उसे बुधवार को रायपुर लाया गया है। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों का साथी विप्लव सामंत उर्फ ​​प्रशांतो संकी पहले ही जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार राजेश अली समर्थकों का मास्टर माइंड है। उसके खिलाफ बंगाल के अलावा यूपी, बिहार में कई मामले हैं। वह कई बार जेल जा चुका है। दो महीने पहले सोने की चोरी के मामले में कानपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

पहले नौकरी से पूछा, फिर चोरी की
राजेश ने 2019 में चोरी की प्लानिंग की। उन्होंने अपने साथी विप्लव को अक्टूबर 2019 को रायपुर भेजा। रायपुर आकर विप्लव नौकरी ढूंढने लगा। सदरसमर में बंगाल के बहुत से कारीगर है। विप्लव को एक परिचित मिल गया, जिसके माध्यम से वह व्यवसाय महावीर चंद बरडिया के यहाँ कारीगरी करने लगा। सदरसमर में ही बरडिया का कारखाना है। जहाँ जेवर बनाए जाते है। ढाई महीने तक विप्लव ने काम किया है। फिर उन्होंने 14 दिसंबर को अपने सहयोगियों को रायपुर बुलाया। राजेश, राजू और तपन तीनों रायपुर आए। वे गोलसरार के एक लॉज में ठहरे हुए थे। उन्होंने विप्लव को नशीली दवाई दी।

विप्लव के बारे में चला गया है। 16 दिसंबर को विप्लव ने दिनभर काम किया। शाम को तबीयत ठीक नहीं होने का बहाना करके जल्दी निकल गया। वह बाकी किन्नरों के साथ किराए में रहता था। उन्होंने सभी के लिए भोजन बनाया और उसमें नशीली दवाइयां मिलीं। रात में जब कारीगर घर आए तो विप्लव ने सभी को भोजन दिया। तबीयत खराब होने की बात कहकर उसने भोजन नहीं किया। भोजन करने के बाद सभी बेहोश हो गए। विप्लव कारखाने की चाबी के बारे में सामने आए और सहयोगियों के पास गया। फैक्टरी से 556 ग्राम सोना की चोरी हुई और ट्रेन से बंगाल चले गए। जहां विप्लव को राजेश ने 50 हजार दिए। राजेश, राजू और तपन मुंबई चले गए। पुलिस ने एक महीने पहले बंगाल में छापा मारकर विप्लव को गिरफ्तार किया था। उसने हस्तक्षेप में अपने साथियों का नाम बताया था। तब से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि तीनों आरोपी कानपुर जेल में बंद है। कोर्ट से वारंट लेकर तीनों को रायपुर लाया गया। उसके बाद चोरी का सोना खरीदने वालों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ 13 से ज्यादा मामला दर्ज है। राजेश अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर चोरी करता है।

कारीगरों के सत्यापन करने का निर्देश
सदरबाजार में चोरी की घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने सभी कारोबारियों को कारीगरों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। ज्यादातर सराफा दुकान में बंगाल के ही कारीगर काम करते हैं। उनकी संख्या लगभग ढाई हजार से ज्यादा है। सभी की जानकारी थाने में जमा करने को कहा गया है। क्योंकि पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। कई मामले में तो व्यवसाय के पास कारीगर की कोई जानकारी ही नहीं थी।

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