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संकट में हड़ताल से डरी सरकार: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सुरक्षा सेवाओं पर ईएसएमए लागू, नाफरमानी पर हो सकती है जेल

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रायपुर10 मिनट पहले

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गृह विभाग ने आज ही यह आदेश जारी कर संबंधित सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों पर लागू कर दिया है।

कोरोना महामारी के समय जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सरकार के कान खड़े हो गए हैं। आगे ऐसे विरोध की संभावना खत्म करने के लिए प्रदेश में आज से आवश्यक सेवा संस्कारों और विच्छिन्नता निवारण कानून (ESMA) लागू कर दिया गया है। यह कानून स्वास्थ्य, स्वच्छता, बिजली, जल आपूर्ति और सुरक्षा सेवा में लगे कर्मचारियों पर लागू होगा। इसके बाद सरकारी आदेश की नाफरमानी या कार्य बहिष्कार जैसी स्थितियों में जेल भी हो सकती है।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने बताया, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईएसएमए का आदेश जारी कर दिया गया है। इसके उल्लंघन पर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग के संयुक्त सचिव एन.डी. कुंदनी की ओर से जारी आदेश में विभाग ने 10 सेवाओं पर ईएसएमए के प्रावधान लागू किए हैं। उन सेवाओं में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं, डॉक्टर, नूर और स्वास्थ्य कर्मी, स्वास्थ्य संस्थानों के निकासी कर्मी, मेडिकल उपकरणों की बिक्री, संस्कार और परिवहन में लगे हुए लोग, दवाओं की बिक्री, संस्कार और परिवहन में लगे हुए लोग और एम्बुलेंस सेवा प्रमुख है। अधिकारियों ने बताया, इस कानून के लागू हो जाने के बाद हड़ताल जैसी स्थितियों में कर्मचारी को जेल हो सकती है। उसकी सेवा भी समाप्त की जा सकती है।

ये भी ESMA

सरकार ने पानी और बिजली की आपूर्ति, सुरक्षा संबंधी सेवाएं, खाद्य और पेयजल प्रावधान और प्रबंधन से जुड़े लोगों और जैव मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी ईएसएमए के दायरे में रखा है। यह सभी स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।

पिछले साल मार्च में लगा प्रतिबंध था

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष 28 मार्च को आवश्यक सेवाओं पर ESMA लगाया था। यह कई महीनों तक लागू रहा। कोरोना का प्रकोप थोड़ा कम होने के बाद इन प्रतिबंधों को उठा लिया गया था। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सरकार को एक बार फिर इस कानून को आजाने की याद आई है।

दो दिन पहले जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी

रायपुर के जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने प्रशासन पर गुणवत्ताहीन बैगई किट, वर्क और ग्लव्स देने और कोविड ड्यूटी के बाद आइसोलेशन पीरियड नहीं देने के आरोप लगाये थे। बुधवार देर रात स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद हड़ताली डॉ काम पर वापस लौटे। हालांकि उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में एक मई से हड़ताल फिर से शुरू करने की चेतावनी दी है।

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